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अप्रैल फूल डे की कैसे हुई शुरुआत? जानें 1 April का दिलचस्प इतिहास

April Food History: देशभर में कल अप्रैल फूल्स डे मनाया जाएगा। ये एक ऐसा दिन जब हमें किसी भी अजीब या अविश्वसनीय बात पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। इस दिन हर कोई मस्ती-मजाक के मूड में होता है। लेकिन यह मजाक और शरारतों का दिन शुरू कैसे हुआ? इसके इतिहास की चर्चा यहां है।

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अप्रैल फूल का इतिहास (pc: canva)

April Food History: अप्रैल फूल यानी 1 अप्रैल का दिन, जिसका इंतजार बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई करता है। मस्ती-मजाक और ठहाकों से भरा ये दिन काफी मजेदार होता है। हर कोई एक दूसरे की टांग खिंचाई में लगा होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस दिन की शुरुआत आखिर कैसे हुई। कब से और क्यों अप्रैल फूल्स मनाया जाता है। हम आपको यहां बताते हैं।

अप्रैल फूल्स की शुरुआत कैसे हुई?

इतिहासकारों के अनुसार, इसकी शुरुआत 1500 के दशक में फ्रांस से जुड़ी मानी जाती है। उस समय लोग जूलियन कैलेंडर का उपयोग करते थे, जिसमें नया साल 1 अप्रैल को मनाया जाता था। बाद में 1582 में ग्रेगोरियन कैलेंडर लागू किया गया, जिसमें नया साल 1 जनवरी से शुरू होने लगा। लेकिन उस समय जानकारी तेजी से नहीं फैलती थी, इसलिए कई लोगों को इस बदलाव के बारे में पता ही नहीं चला। वे लोग अब भी 1 अप्रैल को नया साल मनाते रहे। ऐसे लोगों का मज़ाक उड़ाया जाने लगा और उन्हें अप्रैल फूल कहा गया। धीरे-धीरे लोगों ने 1 अप्रैल को एक-दूसरे के साथ मजाक और शरारतें करने की परंपरा शुरू कर दी। लोग दूसरों को बेवकूफ बनाने के लिए छोटे-छोटे मज़ाक करते थे। यह मज़ाक अक्सर सुबह जल्दी किया जाता था, शर्त यह होती थी कि मज़ाक हानिरहित होना चाहिए। यह परंपरा पिछले लगभग 500 सालों से चलती आ रही है। हालांकि अप्रैल फूल्स डे की सटीक उत्पत्ति पूरी तरह निश्चित नहीं है, लेकिन सबसे लोकप्रिय मान्यता यही है कि यह कैलेंडर बदलने के कारण लोगों का मजाक उड़ाने से शुरू हुआ और बाद में एक मजेदार परंपरा बन गया।

अप्रैल फूल डे की कहानी-

अप्रैल फूल डे के पीछे कई कहानियां सुनने को म‍िलती हैं। अप्रैल फूल डे मनाने के शुरुआत चॉसर के 'कैंटरबरी टेल्स' की एक कहानी 'नन्स प्रीस्ट्स टेल' में मिलती है। ऐसा कहा जाता है कि इसकी शुरुआत 1381 में हुई थी। उस दौरान इंग्लैंड के राजा रिचर्ड द्वितीय और बोहेमिया की रानी एनी की सगाई की घोषणा कर दी गई थी। राजा ने अपनी जनता को अपने और रानी की एनी की सगाई की डेट 32 मार्च बताई थी। वहां की जनता भी नहीं समझ पाई और राजा की बात पर व‍िश्‍वास कर ल‍िया। राजा के सगाई की खुशी में चारों तरफ उत्सव का माहौल बन गया था। बाजार सज चुके थे। लोग तैयार‍ियों में जुटे हुए थे क‍ि अचानक उन्‍हें एहसास हुआ कि 32 मार्च तो कैलेंडर में कोई तारीख ही नहीं होती है। इसके बाद सभी के समझ आया कि उन्हें बेवकूफ बनाया गया है। अप्रैल फूल डे पूरे ब्रिटेन में फैल गया। स्कॉटलैंड में अप्रैल फूल्स डे दो दिनों तक चलता है, जहां शरारत करने वालों को गौक्स (कोयल पक्षी) कहा जाता है। अप्रैल फूल डे को ऑल फूल्स डे के रूप में भी जाना जाता है।

कैसे मनाते हैं अप्रैल फूल डे?

इस दिन लोग एक-दूसरे के साथ मजाक करते हैं। कई लोग तो ऐसे प्रैंक करते हैं क‍ि सामने वाला हक्‍का-बक्‍का रह जाता है। कोई फर्जी खबर फैलाता है, तो कोई ऐसा मजेदार झांसा देता है कि सामने वाला हंसते-हंसते लोटपोट हो जाए।

Srishti
सृष्टि author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

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