लाइफस्टाइल

Happy Indian Army Day 2023 Quotes in Hindi: इंडियन आर्मी डे पर सेना के वीर जवानों को भेजें ये शानदार कोट्स, बढ़ाएं उनका मनोबल

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Jan 15, 2023, 01:47 PM IST

Happy Indian Army Day 2023 Quotes with Images in Hindi: 15 जनवरी का दिन भारत के लिए अहम दिन होता है। दरअसल 15 जनवरी को हर साल भारतीय सेना दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस साल भारत अपना 75वां सेना दिवस मनाएगा। सेना दिवस के मौके पर बहादुर जवानों को उनके शौर्य और बलिदान के लिए सम्मानित किया जाता है।

Image

Happy Indian Army Day 2023 Quotes in Hindi

Photo : Twitter

Happy Indian Army Day 2023 Quotes with Images in Hindi: 15 जनवरी का दिन भारत के लिए काफी अहम दिन होता है। दरअसल 15 जनवरी को हर साल भारतीय सेना दिवस (Indian Army Day 2023) के तौर पर मनाया जाता है। आज यानी 15 जनवरी को भारत अपना 75वां सेना दिवस मना रहा है। इस दिन आप भी जवानों और सैनिकों को सेना दिवस से जुड़े कोट्स भेजकर उनके मनोबल को बढ़ा सकते हैं। हमने नीचे कुछ भारतीय सेना दिवस के कोट्स हिंदी में शेयर किए हैं, जो आप आर्मी के जवानों को भेज सकते हैं।

इंडियन आर्मी डे 2023 - कोट्स इन हिंदी

जब भी तुम हमारे घर में घुसने की कोशिश करोगे, हम तुम्हें तुम्हारे घर में घुसकर मारेंगे।

दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त, मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी।

अगर कोई कहे कि उसे मौत से डर नहीं लगता, या तो वो झूंठ बोल रहा है या वो कोई भारतीय सिपाही है।

हम पूरे दमखम से सिर्फ जीतने के लिए लड़ते है क्योंकि जंग में कोई भी दूसरे स्थान पर नही आता है।

हमारा तिरंगा इसलिए नहीं फहराता है कि हवा चल रही है, ये हर उस जवान की आखिरी सांस से फहराता है।

आतंकवादियों का माफ़ करना या न करना ये ईश्वर का काम है, लेकिन उन्हें ईश्वर से मिलाना हमारा काम है।

मैं तिरंगा फहराकर वापस आऊंगा या फिर तिरंगे में लिपटकर आऊंगा, लेकिन मैं वापस अवश्य आऊंगा।

सात बार गिरकर, आठवी बार उठ जाना ये काम भारतीय सेना का जवान ही कर सकता है।

न कोई पत्थर न लोहा है, न शोला है, सभी का सम्मिलित प्रारूप ,भारत का सिपाही है।

सलाम हैं इस देश की सेना को जो देशवासियों की खातिर सीमाओं पर कष्ट उठाते हैं, अपनी नींद खो कर, हमें बेखौफ सुलाते हैं।

इस बात का हमें अफ़सोस है की अपने देश को देने के लिए हमारे पास केवल एक ही जीवन है।

एक फौजी कितना भी बूढ़ा हो जाये कहलाता जवान ही है।

हम कभी पीछे नहीं हटते या तो मारते हैं या मरते हैं।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

और पढ़ें
End of Article