शहर

Delhi News: सत्य निकेतन में आधी रात खाली कराया गया महिला PG, बेघर हुईं तीन छात्राएं

Delhi News: सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद असुरक्षित इमारतों को खाली कराया जा रहा है। इसी दौरान तीन छात्राओं को रात 12:30 बजे उनका PG खाली करना पड़ा। MCD ने एक जर्जर इमारत को तीन दिन में गिराने का निर्देश दिया है।

Image

सत्य निकेतन में जर्जर इमारतों पर कार्रवाई, आधी रात खाली कराया गया महिला PG (सांकेतिक फोटो)

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद आसपास की असुरक्षित इमारतों को खाली कराने की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में तीन छात्राओं को आधी रात को अपना PG खाली करना पड़ा। पुलिस ने उन्हें रात सोमवार रात करीब 12.30 बजे इमारत खाली करने को कहा। मैत्रेयी कॉलेज की तीन छात्राएं पीजी की चौथी मंजिल पर एक कमरे में रहती थीं। उनके लिए कोई वैकल्पिक आवास की व्यवस्था नहीं थी, जिसके बाद उन्होंने पास में रहने वाली एक दोस्त के फ्लैट रात बिताई। उनका सामान अब भी पीजी में है।

तीन दिन में बिल्डिंग गिराने का निर्देश

छात्रा गीतांजलि ने ’पीटीआई-भाषा’ को बताया, "हमें रात 12:30 बजे जगह खाली करने के लिए कहा गया। उस समय घबराहट फैल गई क्योंकि हमारे पास कोई और रास्ता नहीं था। बहुत देर हो चुकी थी और हमारे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं थी।" एमसीडी ने इमारत संख्या 13 को ’’जर्जर और खतरनाक’’ पाए जाने के बाद मालिक को तीन दिन में इसे गिराने का निर्देश दिया है। इससे पहले रविवार को क्षेत्र में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी।

पुलिस के पहुंचने से पहले ही निचली मंजिलों पर रहने वाली छात्राएं अपने कमरे खाली कर चुकी थीं। गीतांजलि और उनकी दो सहपाठी चौथी मंजिल के एक कमरे में रह रही थीं। उस मंजिल के तीन अन्य कमरे पीजी के मालिक ने अपने पास रखे थे। पुलिस जब वहां पहुंची तो वह भी वहां मौजूद थे। गीतांजलि ने बताया कि सुरक्षा के लिए उन्हें तत्काल कमरा खाली करने को कहा गया। उन्हें यह भी बताया गया कि संभव है कि एक और इमारत को गिराना पड़े।

छात्राओं का सामान अभी भी पीजी में

गीतांजलि ने जाते समय अपनी एक दोस्त को फोन कर उसके फ्लैट में रहने की अनुमति मांगी। हालांकि, उनके कपड़ा और अन्य सामान अब भी पीजी में है। छात्राओं की परेशानी रात बिताने के इंतजाम तक सीमित नहीं रही। उन्हें अगले दिन कॉलेज जाने की भी चिंता थी, जबकि उनकी किताबें, कपड़े और जरूरी सामान असुरक्षित घोषित इमारत में ही रह गए। एक अन्य छात्रा ने कहा, ’’अगर हम प्रथम वर्ष की छात्राएं होतीं और यहां हमारे दोस्त या सहपाठी नहीं होते, तो रात 12.30 बजे हम कहां जाते? हमारे पास कोई वास्तविक विकल्प नहीं था।’’ अन्य पीजी से निकाले गए छात्रों को अस्थायी रूप से आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज समेत आसपास के कॉलेजों में ठहराया गया और भोजन उपलब्ध कराया गया।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article