लाइफस्टाइल

Gulzar Shayari on Love: बहुत मुश्किल से करता हूं तेरी यादों का कारोबार.., पढ़ें मोहब्बत के मीठे एहसास से भरी गुलज़ार की रोमांटिक शायरी

Heart Touching गुलजार की शायरी: 'इरशाद' के आज के अंक में बात गुलजार के रोमांटिक शायरी (Gulzar Romantic Shayari) की। गुलज़ार ने प्यार के हर रंग में बसी भावना और बारीकी को अपने ही अंदाज को कागज पर उतारे हैं। उनकी नज्में में स्नेह, रोमांस और प्रतिबिंब से भरी पड़ी हैं। प्यार में डूबे लोगों की मन की बातों को जितनी बखूबी से गुलजार ने पढ़ा शायद ही किसी ने पढ़ा हो।

Image

Gulzar Shayari in Hindi 2 linex, Gulzar Romantic Shayari

Gulzar Shayari on Love in Hindi (प्यार पर गुलजार की शायरी): जब बात मोहब्बत, इश्क या प्यार की हो और गुलजार की नज्मों की बात ना हो तो फिर वह कुछ अधूरा सा लगता है। भारत के लोकप्रिय शायर और गीतकार गुलजार ने अपनी कलम से इश्क के तमाम रंग बिखेरे हैं। काजग पर शायरी की शक्ल में उनके कलम की स्याही से इश्क बहता है। इश्क की चाशनी में डूब उनकी कुछ चुनिंदा शायरियां हम आपके लिए लाए हैं। अगर आप भी किसी से मोहब्बत करते हैं तो आपको गुलजार के रोमांटिक शेर जरूर पसंद आएंगे।

तुमसे मिली जो जिंदगी, हमने अभी बोई नहीं..!

तेरे सिवा कोई न था, तेरे सिवा कोई नहीं..!!

---------------------------

ये तुमने ठीक कहा है, तुम्हें मिला ना करू

मगर मुझे ये बता दो कि क्यों उदास हो तुम?

----------------------------

तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान,

दिल तड़पता रहा, हम मिटाते रहे…

ख़त लिखे थे जो तुमने कभी प्यार में,

उसको पढते रहे और जलाते रहे…।

--------------------------

तेरे-करम-तो-हैं इतने कि याद हैं अब तक,

तेरे सितम हैं कुछ इतने कि हमको याद नहीं

---------------------------

शायर बनना बहुत आसान हैं…!

बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए…!!

---------------------------

कोई पूछ रहा हे मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत…

मुझे याद आ रहा हैं तेरे हल्के से मुस्कुराना…

---------------------------

मेरे-तेरे इश्क़ की छाँव मे, जल-जलकर! काला ना पड़ जाऊ कहीं !

तू मुझे हुस्न की धुप का एक टुकड़ा दे…!

---------------------------

चाँद रातों के ख्वाब

उम्र भर की नींद मांगते हैं ॥

-----------------------------

बहोत अंदर तक जला देती है,

वो शिकायते जो बया नहीं होती

------------------------------

अपने होठों से चुन रहा हूँ, तुम्हारी सांसो की आयतो को

की जिसम के इस हसीन काबे पे ,रूह सजदे बिछा रही है।

------------------------------

इक उर्म हुई मैं तो हंसी भूल चुका हूँ,

तुम अब भी मेरे दिल को दुखाना नही भूले ।

----------------------------

आज हर ख़ामोशी को मिटा देने का मन है..!

जो भी छिपा रखा है मन में लुटा देने का मन है..!!

------------------------------

“कभी कभी तो आवाज़ देकर

मुझको जगाया ख़्वाबो ने..!”

-------------------------------

गुल से लिपटी हुई तितली को गिराकर देखो,

आँधियों तुमने दरख्तों को गिराया होगा..!

----------------------------

“पूछ कर अपनी निगाहों से बता दे मुझको,

मेरी राहों के मुकद्दर में सहर है कि नही..”

-----------------------------

बहुत मुश्किल से करता हूँ, तेरी यादों का कारोबार,

मुनाफा कम है, पर गुज़ारा हो ही जाता है…

बता दें कि गुलज़ार ने प्यार के हर रंग में बसी भावना और बारीकी को अपने ही अंदाज को कागज पर उतारे हैं। उनकी नज्में में स्नेह, रोमांस और प्रतिबिंब से भरी पड़ी हैं। प्यार में डूबे लोगों की मन की बातों को जितनी बखूबी से गुलजार ने पढ़ा शायद ही किसी ने पढ़ा हो। उम्मीद करते हैं आपको गुलजार के ये शेर जरूर पसंद आए होंगे।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article