PM Modi meets Putin: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में एसओसी शिखर सम्मेलन से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच ये द्विपक्षीय वार्ता थी। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक चुनौतियों पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि युद्ध मानवता को पीछे ले जा सकता है। हमारी कोशिश शत्रुता खत्म करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रूस- यूक्रेन के बीच शत्रुता समाप्त होनी चाहिए।
वहीं, पुतिन ने कहा कि मोदी के व्यक्तिगत ध्यान के कारण रूस-भारत संबंध मजबूत हो रहे हैं। स्पुतनिक के अनुसार, 2025 में दोनों देशों के बीच पर्यटन आदान-प्रदान में 16% की वृद्धि हुई।
हमारा सहयोग नई ऊंचाइयों को छू रहा: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "पिछले वर्ष आपकी भारत यात्रा बेहद सफल और वास्तव में यादगार रही। यह हमारे लिए अत्यंत संतोष की बात है कि हमारा सहयोग नई ऊंचाइयों को छू रहा है और हम दोनों देशों के लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ना हमारा साझा दृष्टिकोण रहा है, और यह भविष्य में भी हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत कुछ ही दिनों में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, और सभी भारतीय आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। आपकी यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी और ब्रिक्स ढांचे के भीतर संवाद और सहयोग को और बढ़ावा देगी।"
वहीं, पुतिन ने कहा कि मुझे यह देखकर संतोष हो रहा है कि विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के सिद्धांतों के आधार पर रूस-भारत संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी, रूस-भारत संबंधों पर आपके विशेष ध्यान और हमारे बीच स्थापित व्यापारिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों से इसमें काफी मदद मिली है। इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं।
पुतिन ने कहा ," रूस में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के मामले में भारत शीर्ष देशों में से एक है। हाल के वर्षों में, यह संख्या सात गुना बढ़कर अब 40,000 छात्रों तक पहुंच गई है। हम नियमित रूप से भारत और रूस के सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन करते हैं। हमारे बीच पर्यटन का आदान-प्रदान भी सक्रिय है, जिसमें 16% की वृद्धि देखी गई है। हम संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, जी20 और एससीओ में अपने प्रयासों का समन्वय करते हैं। आज, हमारे पास रूसी-भारतीय संबंधों के विकास के संदर्भ में अपने विचारों का आदान-प्रदान करने और भविष्य के सहयोग की रूपरेखा तैयार करने का अच्छा अवसर है।”
रूस-यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमने यूक्रेन के मुद्दे पर लगातार चर्चा की है। पिछली मुलाकात में आपने मुझे इस मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी थी। जैसा कि आप जानते हैं, भारत शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और करता रहेगा। युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता को नई आशा और उत्साह से भर देता है। हमें अंतहीन युद्ध से दूर होकर युद्ध के अंत की ओर बढ़ना होगा। यह मानवता के कल्याण के लिए आवश्यक है। सभी मुद्दों का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान मानवता की पुकार है, और यही भारत का संदेश है। गांधी की भूमि और बुद्ध की भूमि एक ही संदेश साझा करती हैं: शांति का मार्ग। आज, मैं आपके साथ इन मामलों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं।" उन्होंने कहा कि मानवता के हित में हमें ‘अंतहीन युद्ध’ से आगे बढ़कर ‘युद्ध का अंत’ सुनिश्चित करना होगा।
बता दें कि दोनों नेताओं के बीच लगभग 30 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक चली। बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर अपनी बातचीत का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा ही सुखद होता है। बिश्केक में हुई हमारी मुलाकात के दौरान मैंने जो कहा, उसे साझा कर रहा हूं।"
ईरान के राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच मुलाकात हुई। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
नौवहन (नेविगेशन) और व्यापार की स्वतंत्रता की सुरक्षा का आह्वान करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचों-जिसमें व्यावसायिक जहाज और नाविक शामिल हैं-को किसी भी परिस्थिति में नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
