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Dosti Par Shayari: गहरी दोस्ती पर हैं ये टॉप 10 शायरियां, पढ़ें दिल को छू लेने वाली सच्ची दोस्ती की शायरी

Friendship Shayari In Hindi (दोस्ती पर शायरी): सच्ची यारी मिलना भी किस्मत की बात है। दोस्त आपकी सारी टेंशन दूर कर देता है और आपके अच्छे से बुरे वक्त में भी साथ रहता है। ऐसी दोस्ती के नाम यहां कुछ चुनिंदा शायरियां मौजूद हैं। ये शायरी गहरी, मजबूत और सच्ची दोस्ती को समर्पित हैं।

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dosti par shayari hindi mein

Friendship Shayari In Hindi (दोस्ती पर शायरी): आमतौर पर बच्चा जन्म लेते ही मां, पिता, भाई, बहन, चाचा-चाची, मामा-मामी, नाना-नानी, दादा-दादी, बुआ-फूफा जैसे तमाम रिश्तों में तुरंत ही बंध जाता है। लेकिन दोस्ती एकमात्र ऐसा रिश्ता है, जो बच्चा मां की पेट से बाहर आने के बाद उम्र के साथ खुद से बनाता हैं। एक अच्छा दोस्त मिलना भी किसी आशीर्वाद से कम नहीं होता है। अगर आपका भी कोई ऐसा सच्चा दोस्त है और आप उनके लिए शायरी ढूंढ रहे हैं तो यहां से मदद ले सकते हैं। यहां दोस्ती पर एक से बढ़कर एक शायरी मौजूद है।

Dosti Par Shayari Hindi Mein-

1) दोस्ती किसे कहते हैं जानना हो तो मेरे दोस्तों को देखो,

जो एक आवाज़ पर मुसीबतों से भिड़ने को तैयार रहते हैं,

दोस्ती को महसूस करना है तो यारों की महफ़िल को देखो,

जहाँ खुशियों के तराने अक्सर अपनी कहानी कहते हैं।

2) ज़िंदगी के सफर में मेरा जब-जब बुरा मक़ाम आया,

यारों के आँगन में बैठ मुझे तब-तब आराम आया।

3) लोग कहते हैं की इतनी दोस्ती मत करो,

के दोस्त दिल पर सवार हो जाए,

में कहता हूं दोस्ती इतनी करो के,

दुश्मन को भी तुम से प्यार हो जाए….!

Best Friend Shayari In Hindi-

4) मेरे यार तेरी अतरंगी यारी ने,

तेरे लफ़्ज़ों की खुद्दारी ने,

मुझे मुसीबतों से लड़ना सीखा दिया,

मुझे हंसने के काबिल बना दिया।

5) दोस्ती में हदों में कैद रहा नहीं जाता, फक़्त हदें पार की जाती हैं,

दोस्ती तो वो पाक देहलीज है, जहाँ से सुकून की बहार आती है।

6) नहीं है मुझे कोई चिंता कि आगे क्या होगा और क्या नहीं,

मैं बस इतना जानता हूँ कि मेरे हक़ में तेरी यारी है,

क्यों करूँ मैं फ़िक्र झूठे, फरेबी और मक्कार ज़माने की?

मैं जानता हूँ कि मेरी इकलौती ताक़त तेरी यारी है।

Friend Shayari In Hindi Short-

7) दोस्ती में दोस्त

दोस्त का खुदा होता है,

महसूस तब होता है जब वो जुदा होता है..!

8) कुछ तो मैंने अच्छा किया ही होगा कभी न कभी,

जो सन्नाटे में कैद मेरी आहाट को तेरी यारी ने अपनाया,

कई नकाब पहने लोगों के तूने नकाब उतारे,

कई मुसीबत बनते क़दमों के तूने निशानों को मिटाया।

9) वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त,

मजा तो तब है जब वक्त बदल जाए पर यार ना बदले।

10) दुनिया भर की खुशियां वार दूँ मैं यारी पर हमारी,

समय सबको सुना रहा है कहानियां यारी पर हमारी।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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