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पटना में JEE छात्र की मौत पर बड़ा सवाल, आत्महत्या या हत्या? पिता ने लगाए गंभीर आरोप

पटना के कंकड़बाग में JEE मेन्स की तैयारी कर रहे छात्र उत्कर्ष का शव हॉस्टल कमरे में फंदे से लटका मिला। पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए हॉस्टल संचालक, व्यवस्थापक और रूममेट पर संदेह जताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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पटना में JEE मेन्स के छात्र की मौत

पटना : शहर के कंकड़बाग इलाके में JEE मेन्स की तैयारी कर रहे एक छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान उत्कर्ष के रूप में हुई है। वह पिछले करीब चार महीने से राधा कृष्णा बॉयज हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। घटना के बाद छात्र के पिता चंद्रशेखर राय ने हत्या की आशंका जताते हुए हॉस्टल संचालक, व्यवस्थापक और कमरे में रहने वाले एक अन्य छात्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके बेटे की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या हो सकती है।

चंद्रशेखर राय के मुताबिक, बुधवार रात करीब 11 बजे उनकी बेटे से फोन पर बातचीत हुई थी। उस समय उसने किसी तरह की परेशानी या तनाव की बात नहीं बताई थी। इसके बाद गुरुवार सुबह करीब 11:16 बजे उनकी पत्नी के फोन पर हॉस्टल से सूचना दी गई कि उत्कर्ष कमरे में पंखे से लटका हुआ है।

बेट से सटे थे पैर

सूचना मिलते ही परिवार के लोग आनन-फानन में हॉस्टल पहुंचे। पिता का कहना है कि जब वे वहां पहुंचे तो कमरे का दरवाजा टूटा हुआ था और पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। उन्होंने शव की स्थिति को भी संदिग्ध बताया। उनके मुताबिक, उत्कर्ष के पैर पूरी तरह बेड से सटे हुए थे और फंदा भी पीछे की तरफ लगा हुआ था, जिससे उन्हें घटना को लेकर संदेह हुआ।

पिता ने कहा कि उनके बेटे की ओर से कभी किसी बड़ी परेशानी की शिकायत नहीं की गई थी। वह कभी-कभार हॉस्टल के खाने को लेकर घर पर शिकायत करता था, लेकिन इसके अलावा उसने किसी तरह की समस्या नहीं बताई थी। चंद्रशेखर राय ने बताया कि वह और उनकी पत्नी दोनों शिक्षक हैं और उत्कर्ष उनका इकलौता बेटा था। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना की सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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