शहर

हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन स्थगित, ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ क्यों रुकी? दिल्ली कूच की थी तैयारी

किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल की दिल्ली में केंद्रीय बिजली मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक कराने का प्रस्ताव दिया। बाद में एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल चार सितंबर को किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे

Image

हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन स्थगित

खनौरी : हरियाणा के अधिकारियों द्वारा किसानों की मांगों पर चर्चा के लिए चार सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक कराने की पेशकश के बाद हरियाणा-पंजाब सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने बुधवार को अपना आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। यह घटनाक्रम संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधियों और हरियाणा सरकार के अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद सामने आया।

प्रदर्शनकारी 16 अगस्त को प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर 228 किलोमीटर लंबी ’’किसान बचाओ पदयात्रा’’ के तहत दिल्ली जा रहे 51 किसानों के एक समूह को हरियाणा पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद से खनौरी-डाटा सिंह वाला सीमा बिंदु पर बैठे थे।

मनोहर लाल खट्टर संग होगी किसानों की बैठक

बुधवार को हुई बैठक के दौरान अधिकारियों ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल की दिल्ली में केंद्रीय बिजली मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक कराने का प्रस्ताव दिया। बाद में एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल चार सितंबर को किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक तय कराने के प्रयास भी जारी हैं।

आश्वासन के बाद किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रदर्शन स्थगित करने की घोषणा की। हरियाणा पुलिस ने पंजाब से आने वाले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लगाए गए बहुस्तरीय बैरिकेड हटाने भी शुरू कर दिए। एसकेएम (गैर-राजनीतिक) ने हरियाणा-पंजाब सीमा पर डाटा सिंह वाला गांव से दिल्ली के जंतर-मंतर तक ’’किसान बचाओ पदयात्रा’’ का आह्वान किया था, जिसका समापन 29 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी में किसान पंचायत के साथ होना था। देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 51 किसानों को मार्च में शामिल होना था और एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के कुछ स्वयंसेवी एवं समर्थक भी उनके साथ जाने वाले थे।

इससे पहले रविवार को दोनों पक्षों के बीच तीन दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी। डल्लेवाल ने रविवार को हरियाणा के अधिकारियों की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक की पेशकश को खारिज कर दिया था और किसानों के मुख्य मुद्दे प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ मुलाकात कराने पर जोर दिया था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article