लाइफस्टाइल

Eid Shayari: ईद के लिए दो लाइन शायरी क्या है? यहां देखें ईद पर शायरी कलेक्शन, Eid 2026 के लिए बेस्ट ईद शायरी

Eid Shayari in Hindi, Eid Shayari Love(ईद पर शायरी): ईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिम, रस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी है - कमर बदायुनी का यह शेर ईद की खूबसूरती को बया करने के लिए काफी है। ईद उल फितर 2026 (Eid ul Fitr 2026) के मौके पर यहां देखें ईद शायरी 2 लाइन (Eid Shayari 2 line) हिंदी में:

Image

ईद पर शायरी

Eid Shayari in Hindi (ईद शायरी दो लाइन): ईद को खुशियों और भाईचारे का त्योहार माना जाता है। लोग एक दूसरे से गले मिलकर ईद मुबारक कहते हैं और दिल से सारी कड़वाहट को मिटा देते हैं। इस्लाम को मानने वालों के लिए ईद उल फितर काफी महत्व रखता है। एक महीने के रोजे के बाद जब प्रेम और भाईचारे का पर्व ईद आता है तो हर कोई बस उसी के रंग में रंगा नजर आता है। इसी ईद पर बहुत से शायरों ने कई खूबसूरत शेर गढ़े हैं। आइए ईद उल फितर के मौके पर पढ़ते हैं ईद पर लिखे चंद बेहतरीन शेर:

Eid Shayari Love | Eid Shayari in Hindi Text

1. कहते हैं ईद है आज अपनी भी ईद होती

हम को अगर मयस्सर जानां की दीद होती

- ग़ुलाम भीक नैरंग

2. जो लोग गुज़रते हैं मुसलसल रह-ए-दिल से

दिन ईद का उन को हो मुबारक तह-ए-दिल से

- ओबैद आज़म आज़मी

3. ईद का दिन है सो कमरे में पड़ा हूँ 'असलम'

अपने दरवाज़े को बाहर से मुक़फ़्फ़ल कर के

- असलम कोलसरी

4. ईद का चांद तुम ने देख लिया

चांद की ईद हो गई होगी

- इदरीस आज़ाद

5. ईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिम

रस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी है

- क़मर बदायुनी

6. तुझ को मेरी न मुझे तेरी ख़बर जाएगी

ईद अब के भी दबे पाँव गुज़र जाएगी

- ज़फ़र इक़बाल

7. हम ने तुझे देखा नहीं क्या ईद मनाएं

जिस ने तुझे देखा हो उसे ईद मुबारक

- लियाक़त अली आसिम

8. जिस तरफ़ तू है उधर होंगी सभी की नज़रें

ईद के चांद का दीदार बहाना ही सही

- अमजद इस्लाम अमजद

9. ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का

ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का

- अज्ञात

10. फ़लक पे चांद सितारे निकलते हैं हर शब

सितम यही है निकलता नहीं हमारा चांद

- पंडित जवाहर नाथ साक़ी

11. देखा हिलाल-ए-ईद तो आया तेरा ख़याल

वो आसमाँ का चांद है तू मेरा चांद है

- अज्ञात

12. मिल के होती थी कभी ईद भी दीवाली भी

अब ये हालत है कि डर डर के गले मिलते हैं

- अज्ञात

13. उस से मिलना तो उसे ईद-मुबारक कहना

ये भी कहना कि मिरी ईद मुबारक कर दे

- दिलावर अली आज़र

14. ऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियो

और कहियो कि कोई याद किया करता है

- त्रिपुरारि

15. उस मेहरबां नज़र की इनायत का शुक्रिया

तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का

- अज्ञात

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article