Side effects of medicines : क्या आप भी अक्सर बन जाते हैं 'डॉक्टर'? तो संभलिए, ऐसा करना हो सकता है खतरनाक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 1, 2022, 03:54 PM IST

Side effects of medicines: मौसम बदलने के साथ तबीयत खराब होना और सर्दी-खांसी जैसी बीमारी होना आम बात है। ऐसे में कई बार लोग खुद ही डॉक्टर बन जाते हैं और कोई भी दवा ले लेते हैं, लेकिन ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है।

Side effects of medicines : क्या आप भी अक्सर बन जाते हैं 'डॉक्टर'? तो संभलिए, ऐसा करना हो सकता है खतरनाक

Side effects of medicines : मौसम बदल रहा है, ऐसे में लू लगना, उल्टी-दस्त होना और जुकाम-खांसी जैसी बीमारी होना आम बात है। ऐसे में कई बार लोग घरेलू नुस्खे आजमाते हैं, जिनसे आराम भी मिल जाता है। लेकिन कई बार लोग खुद से ही डॉक्टर बनकर मनमर्जी से दवाई खा लेते हैं, जो आराम पहुंचाने के बजाय और ज्यादा तबीयत खराब कर देती है। डॉक्टर्स का कहना है कि किसी आम और छोटी बीमारी में भी खुद से दवाई लेना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है और छोटी सी दिखने वाली बीमारी भी बड़ी और घातक सिद्ध हो सकती है। उदारहरण के तौर पर अक्सर लोग सिरदर्द में जो पेन किलर लेते हैं, उनसे किडनी और लीवर खराब हो सकते हैं। इसके अलावा ऐसी कई दवाइयां हैं, जिन्हें लोग बिना सोचे समझे बिना किसी डॉक्टर की सलाह के खा लेते हैं। ऐसा करना सेहत के साथ खिलवाड़ साबित हो सकता है। चलिए आपको बताते हैं किन दवाइयों का सेवन सेहत के लिए होता है खतरनाक-

बिना डॉक्टरी सलाह के दवाई खाने के नुकसान

जुकाम की दवा फेफड़ों को कर सकती है खराब

मौसम बदलने के साथ जुकाम-खांसी होना आम बात है। ऐसे में अगर डॉक्टर से पूछे बिना कोई दवाई ली जाए तो ऐसी दवाइंया फेफड़ों के लिए खतरनाक साबित होती हैं। इन दवाइयों के ज्यादा प्रयोग से कई तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

किडनी- लीवर के लिए खतरनाक पेनकिलर

​सिर में दर्द होने पर अक्सर लोग पेनकिलर लेते हैं। ये पेनकिलर दर्द से तो तुरंत आराम दिला देते हैं, लेकिन लंबे वक्त तक इनका प्रयोग सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेनकिलर का लगातार सेवन किडनी और लीवर को खराब करता है।  

नींद की गोलियों से दिमाग पर पड़ता है बुरा असर

अक्सर देखा गया है कि जिन लोगों को नींद न आने की समस्या होती है, वो रोज नींद की गोलियों को सेवन करते हैं। पर ऐसा करना सेहत के साथ-साथ दिमाग के लिए भी बहुत खतरनाक होता है। दरअसल, नींद की गोलियां दिमाग के सोचने समझने की शक्ति को धीरे-धीरे कम कर देती है।

मोटापा बढ़ाती है डिप्रेशन की दवा

डिप्रेशन से उभरने के लिए जो लोग दवा का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे लोग मोटापे को दावत देते हैं। दरअसल, डिप्रेशन की दवा दिमाग के उस हिस्से पर असर डालती है, जो शरीर में सेरोटोनिन और ग्लूकोज के लेवल को नियंत्रण में रखता है। यही वजह है कि जो लोग डिप्रेशन की दवाई खाते हैं उनका वजन बढ़ने लगता है।

(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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