बहुत से लोग कई बार किसी भी नए काम को शुरू करने या अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किसी तरह के मोटिवेशन यानी कि प्रेरणा का इंतजार करते हैं। मशहूर उद्यमी, लेखक और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू के अनुसार, मोटिवेशन एक अस्थाई भावना है जो आती जाती रहती है। उनके अनुसार वास्तविक सफलता मोटिवेशन से नहीं, बल्कि एक मजबूत 'डिसिप्लिन' यानी अनुशासन से मिलती है। वारिकू ने बिना मोटिवेशन पर निर्भर रहे जीवन में अनुशासन का निर्माण करने के 4 बेहतरीन नियम भी शेयर किए हैं।
अनुशासन बनाने के 4 मुख्य नियम
1. कभी भी स्नूज न करें
दिन की शुरुआत ही आपके अनुशासन का पहला टेस्ट होती है। जब आप सुबह अलार्म बजने पर 'स्नूज' बटन दबाते हैं, तो आप सब कॉन्शियस माइंड को मैसेज देते हैं कि आपका पहला वादा ही आपके लिए महत्वपूर्ण नहीं था। अंकुर वारिकू का मानना है कि सुबह तय समय पर बिना किसी देरी के उठने की आदत दिन भर के लिए एक अनुशासित दृष्टिकोण तय करती है।
2. कामों को कभी न टालें
काम टालना अनुशासन का सबसे बड़ा दुश्मन है। जब भी कोई जरूरी काम सामने आए, तो उसे बाद में करूंगा कहने के बजाय तुरंत पूरा करने की आदत डालें। छोटे-छोटे कामों को उसी समय निपटाने से दिमाग पर अतिरिक्त तनाव नहीं बनता और आपकी वर्किंग स्किल्स में सुधार होता है।
3. मोटिवेशन पर निर्भरता खत्म करें
वारिकू के अनुसार, मोटिवेशन उस आग की तरह है जो जल्दी बुझ सकती है, जबकि अनुशासन एक ऐसा सिस्टम है जो लगातार चलता रहता है। अपने डेली लाइफ में एक मजबूत दिनचर्या बनाएं। जब आपके पास एक तय रूटीन होता है, तो आपको काम करने के लिए किसी बाहरी प्रेरणा की जरूरत नहीं पड़ती; आप खुद-ब-खुद उस काम को करने लगते हैं।
4. टू मिनट रूल अपनाएं
अगर किसी काम को शुरू करने में आलस महसूस हो रहा हो, तो खुद से कहें कि आप उस काम को सिर्फ 2 मिनट के लिए करेंगे। किसी भी काम को शुरू करना ही सबसे कठिन हिस्सा होता है। एक बार जब आप 2 मिनट के लिए वह काम शुरू कर देते हैं, तो दिमाग का आलस दूर हो जाता है और आप उसे पूरा करने में जुट जाते हैं।
अंकुर वारिकू के ये 4 नियम इस बात पर जोर देते हैं कि सफलता पाने के लिए आपको हर दिन बहुद ज्यादा मोटिवेटेड रहने की आवश्यकता नहीं है। अगर आप अपने डेली लाइफ में ऐसे छोटे-छोटे बदलाव करके एक मजबूत रूटीन और अनुशासन कायम कर लेते हैं, तो कठिन से कठिन लक्ष्य को भी आसानी से हासिल किया जा सकता है।
