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15 August Desh Bhakti Geet: रगों में जोश और जुनून भर देतें हैं ये टॉप 5 देशभक्ति गीत, 15 अगस्त के लिए हैं बेस्ट

Independence Day Patriotic Songs (15 अगस्त के लिए देशभक्ति गीत): कल स्वतंत्रता दिवस है। देशभर में इसे सेलिब्रेट करने की तैयारी हो चुकी है। यहां से आप 15 अगस्त के खास देशभक्ति गानों के हिंदी लिरिक्स देख सकते हैं, जिन्हें आप 15 अगस्त के खास मौके पर गुनगुना सकते हैं।

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15 अगस्त के लिए देशभक्ति गीत (photo source: canva)

Independence Day Patriotic Songs, Deshbhakti Geet (15 अगस्त के लिए देशभक्ति गीत): देश की आज़ादी और स्वाभिमान का प्रतीक है स्वतंत्रता दिवस। हर साल 15 अगस्त के दिन हमारा देश स्वत्रंता का जश्न मनाता है। इस दिन स्कूल-कॉलेज और ऑफिस में तरह-तरह के प्रोग्राम किए जाते हैं। यहां से आप स्वतंत्रता दिवस के खास देशभक्ति भरे गीत देखें-

1. ऐ मेरे वतन के लोगों

ऐ मेरे वतन के लोगों

तुम ख़ूब लगा लो नारा

ये शुभ दिन है हम सब का

लहरा लो तिरंगा प्यारा

पर मत भूलो सीमा पर

वीरों ने है प्राण गंवाए

कुछ याद उन्हें भी कर लो

जो लौट के घर न आये

ऐ मेरे वतन के लोगों

ज़रा आंख में भर लो पानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

जब घायल हुआ हिमालय

ख़तरे में पड़ी आज़ादी

जब तक थी सांस लड़े वो

फिर अपनी लाश बिछा दी

संगीन पे धर कर माथा

सो गये अमर बलिदानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

जब देश में थी दीवाली

वो खेल रहे थे होली

जब हम बैठे थे घरों में

वो झेल रहे थे गोली

थे धन्य जवान वो आपने

थी धन्य वो उनकी जवानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

कोई सिख कोई जाट मराठा

कोई गुरखा कोई मदरासी

सरहद पर मरनेवाला

हर वीर था भारतवासी

जो खून गिरा पवर्अत पर

वो खून था हिंदुस्तानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

थी खून से लथ पथ काया

फिर बंदूक उठाके

दस दस को एक ने मारा

फिर गिर गये होश गंवा के

जब अन्त -समय आया तो

कह गये के अब मरते हैं

खुश रहना देश के प्यारों

अब हम तो सफ़र करते हैं

क्या लोग थे वो दीवाने

क्या लोग थे वो अभिमानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

तुम भूल न जाओ उनको

इस लिये कही ये कहानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

2. मेरे देश की धरती

मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती

मेरे देश की धरती

बैलों के गले में जब घुंघरू जीवन का राग सुनाते हैं

ग़म कोस दूर हो जाता है खुशियों के कंवल मुस्काते हैं

सुनके रहट की आवाज़ें यूँ लगे कहीं शहनाई बजे

आते ही मस्त बहारों के दुल्हन की तरह हर खेत सजे,

मेरे देश की धरती

जब चलते हैं इस धरती पे हल ममता अंगड़ाइयाँ लेती है

क्यूँ ना पूजे इस माटी को जो जीवन का सुख देती है

इस धरती पे जिसने जनम लिया, उसने ही पाया प्यार तेरा

यहाँ अपना पराया कोई नहीं, है सब पे है माँ उपकार तेरा,

मेरे देश की धरती

ये बाग़ है गौतम नानक का खिलते हैं चमन के फूल यहाँ

गांधी, सुभाष, टैगोर, तिलक, ऐसे हैं अमन के फूल यहाँ

रंग हरा हरी सिंह नलवे से रंग लाल है लाल बहादुर से

रंग बना बसंती भगत सिंह रंग अमन का वीर जवाहर से,

मेरे देश की धरती

3. मां तुझे सलाम

वन्दे मातरम, वन्दे मातरम,

वन्दे मातरम, वन्दे मातरम,

वन्दे मातरम, वन्दे मातरम,

वन्दे मातरम, वन्दे मातरम

यहां-वहां सारा जहां देख लिया है

कहीं भी तेरे जैसा कोई नहीं है

अस्सी नहीं, सौ दिन दुनिया घूमा है

नहीं कहीं तेरे जैसा कोई नहीं

मैं गया जहां भी

बस तेरी याद थी

जो मेरे साथ थी

मुझको तड़पाती, रुलाती

सबसे प्यारी तेरी सूरत

प्यार है बस तेरा, प्यार ही

माँ तुझे सलाम

अम्मा तुझे सलाम

माँ तुझे सलाम

वन्दे मातरम, वन्दे मातरम

जहां तू है वहां मैं, तेरा हूं दीवाना मैं

झूमूं, नाचूं, गाऊँ तेरे प्यार का तराना मैं

चंदा नहीं, सूरज नहीं, दुनिया की दौलत नहीं

बस लूटूँगा तेरे प्यार का खजाना

इक नज़र जब तेरी, होती है प्यार की

दुनिया तब तो मेरी चमके-दमके-महके रे

तेरा चेहरा सूरज जैसा चाँद सी ठण्ड है प्यार में

वन्दे मातरम, वन्दे मातरम

तेरे पास ही मैं आ रहा हूँ

अपनी बाहें खोल दे

ज़ोर से मुझको गले लगा ले

मुझको फिर वो प्यार दे

तू ही जिंदगी है

तू ही मेरी मोहब्बत है

तेरे ही पैरों में जन्नत है

तू ही दिल, तू जां, अम्मा

माँ तुझे सलाम

माँ तुझे सलाम

अम्मा तुझे सलाम

माँ तुझे सलाम

वन्दे मातरम, वन्दे मातरम

4. आई लव माय इंडिया

लंदन देखा

पैरिस देखा

और देखा जापान

माईकल देखा, एल्विस देखा

सब देखा मेरी जान

सारे जग में कहीं नहीं है

दूसरा हिंदुस्तान

दूसरा हिंदुस्तान

ये दुनिया एक दुल्हन

दुल्हन के माथे की बिंदिया

ये मेरा इंडिया

आई लव माई इंडिया

ये दुनिया एक दुल्हन...

जब छेड़ा मल्हार किसी ने

झूमके सावन आया

आग लगा दी पानी में जब

दीपक राग सुनाया

सात सुरों का संगम ये जीवन गीतों की माला

हम अपने भगवान को भी कहते हैं बाँसुरी वाला

ये मेरा इंडिया...

पीहू-पीहू बोले पपीहा, कोयल कूहू-कूहू गाये

हँसते, रोते, हमने जीवन के सब गीत बनाए

ये सारी दुनिया अपने-अपने गीतों को गाये

गीत वो गाओ जिससे इस मिट्टी की खुश्बू आये

आई लव माई इंडिया...

वतन मेरा इंडिया

सजन मेरा इंडिया

करम मेरा इंडिया

धरम मेरा इंडिया

5. सुनो गौर से दुनिया वालों

सुनो गौर से दुनिया वालों

बुरी नज़र ना हम पे डालो

सुनो गौर से दुनिया वालों

बुरी नज़र ना हम पे डालो

चाहे जितना ज़ोर लगालो

सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी

हिंदुस्तानी... हिंदुस्तानी...

सुनो गौर से दुनिया वालों

बुरी नज़र ना हम पे डालो

चाहे जितना ज़ोर लगालो

सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी

हिंदुस्तानी... हिंदुस्तानी...

हमने कहा है... तुम भी कहो

हमने कहा है जो तुम भी कहो

आओ हम मिल-जुल के बोलें अब तो यारा

अपना जहाँ है सबसे प्यारा

आओ हम मिल-जुल के बोलें अब तो यारा

अपना जहां है सबसे प्यारा

हमने कहा है जो तुम भी कहो

जलते शरारें हैं पानी के धारे हैं

हम काटे कटते नहीं

जो वादा करते हैं करके निभाते हैं

हम पीछे हटते नहीं

वक़्त है उम्र है जोश है और जान है

ना झुकें ना मिटें देश तो अपनी शान है

वक़्त है उम्र है जोश है और जान है

ना झुकें ना मिटें देश तो अपनी शान है

हमने कहा है जो तुम भी कहो

सुनो गौर से दुनिया वालों

बुरी नज़र ना हमपे डालो

चाहे जितना ज़ोर लगालो

सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी

हिंदुस्तानी...

सबके दिलों को मोहब्बत से बांधे जो

हम ऐसी ज़ंजीर हैं

ऊँची उड़ाने हैं ऊँचे इरादे हैं

हम कल की तस्वीर हैं

जो हमें प्यार दे हम उसे यार प्यार दें

दोस्ती के लिए ज़िन्दगी अपनी वार दें

जो हमें प्यार दे हम उसे यार प्यार दें

दोस्ती के लिए ज़िन्दगी अपनी वार दें

हमने कहा है जो तुम भी कहो

सुनो गौर से दुनिया वालों

बुरी नज़र ना हमपे डालो

चाहे जितना ज़ोर लगालो

सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी

हिंदुस्तानी... हिंदुस्तानी

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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