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क्या है हाई-टेक वाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम? ट्रेनों के लिए कितना उपयोगी हो सकता है साबित

Hi Tech Water Level Monitoring System: भारतीय रेलवे भी समय के साथ धीरे-धीरे आधुनिक हो रही है। हाल ही में रेलवे ने हाई-टेक वाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इंस्टॉल किया है। अगर यह प्रोजेक्ट कारगर साबित होता है तो आने वाले समय में इस तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

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इंडियन रेलवे

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • रेलवे ने पायलट प्रोजेक्ट किया लॉन्च।
  • ब्रह्मपुत्र मेल एक्सप्रेस में किया गया इंस्टॉल।
  • पानी की उपलब्धता का रियल टाइम डेटा होगा प्राप्त।

Hi Tech Water Level Monitoring System: हाई-टेक वाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम एक तरह की आधुनिक तकनीक है जिसके जरिए पानी की उपलब्धता के बारे में सटीक जानकारी एकत्रित की जाती है। हाल ही में भारतीय रेलवे ने इस तकनीक का इस्तेमाल किया है। अगर यह तकनीक कारगर सिद्ध होती है तो रेलवे इसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर करेगा।

रेलवे का पायलट प्रोजेक्ट

रेलवे ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हाई-टेक वाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम को ब्रह्मपुत्र मेल एक्सप्रेस में इंस्टॉल किया है। इस सिस्टम के जरिए रेलवे लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों के लिए पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करना चाहता है। अभी महज इसे कामाख्या रेलवे स्टेशन पर ब्रह्मपुत्र मेल एक्सप्रेस के एक रेक में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ही इंस्टॉल किया गया है। इसके तहत रियल टाइम वाटर मॉनिटरिंग सिस्टम 'वाटर लेवल इंडिकेटर' को लगाया गया है।

किस तकनीक का हुआ इस्तेमाल?

हाई-टेक वाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम में एलओआरए और जीपीआरएस आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। रिमोट लोकेशन में यह कारगर साबित हो सकता है। दमदार रेंज के साथ कम पावर में ही यह रियल टाइम डेटा को ट्रांसमिट करने की क्षमता रखता है। इसका सेंसर पानी के स्तर को 0.5 फीसद की सटीकता के साथ एक से पांच मीटर के बीच नापता है। हालांकि, इस तकनीक का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के जल निकायों में हो सकता है, क्योंकि इसके जरिए वास्तविक समय में जल की उपलब्धता के बारे में जानकारी एकत्रित की जाती है।

क्रमबद्ध तरीके से इस पूरे सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। सेंसर, डेटा संग्रह और डेटा विश्लेषण के जरिए पानी की उपलब्धता के बारे में जानकारी एकत्रित की जाती है। यह सिस्टम सटीकता के साथ पानी की उपलब्धता के बारे में जानकारी मुहैया कराता है।

रियल टाइम वाटर मॉनिटरिंग सिस्टम

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य पब्लिक रिलेशन ऑफिसर कपिंजल किशोर शर्मा ने हाल ही में रेलवे के पायलट प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कामाख्या रेलवे स्टेशन पर ब्रह्मपुत्र मेल एक्सप्रेस के एक रेक में पायलट प्रोजेक्ट के तहत रियल टाइम वाटर मॉनिटरिंग सिस्टम 'वाटर लेवल इंडिकेटर' लगाया गया है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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