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2 साल बाद 'फायरबॉल' की क्यों हो रही चर्चा; खोज के कुछ घंटे बाद ही आसमान में दिखी हरे रंग की रोशनी

Smallest Asteroid: पृथ्वी के करीब आने वाली आसमानी आफतों पर वैज्ञानिक अपनी पैनी निगाह रखते हैं, लेकिन 2022 में एक एस्टेरॉयड पृथ्वी से उस वक्त टकराया जब दो घंटे पहले ही उसे खोजा गया था। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह अबतक का सबसे छोटा एस्टेरॉयड है। 2022 WJ1 से भी छोटी अंतरिक्ष चट्टानें हर दिन पृथ्वी से टकराती हैं। हालांकि, उनमें से किसी को भी सही ढंग से मापा नहीं गया है।

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फायरबाल मीटियोर (फाइल फोटो)

Photo : iStock

Smallest Asteroid: पृथ्वी के करीब आने वाली आसमानी आफतों पर वैज्ञानिक अपनी पैनी निगाह रखते हैं, लेकिन 2022 में एक एस्टेरॉयड पृथ्वी से उस वक्त टकराया जब दो घंटे पहले ही उसे खोजा गया था। हाल ही में उससे जुड़ा हुआ एक स्टडी सामने आई है जिसमें उसके आकार, प्रभाव इत्यादि के बारे में विस्तार से समझाया गया है। शुरुआत में इसे 'फायरबॉल मीटियर' (Fireball Meteor) कहा गया।

साल 2022 में कनाडा के आसमान में एक हरी रोशनी देखी गई थी। दरअसल, यह रोशनी फटते हुए एक एस्टेरॉयड की थी, जो पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होने के बाद आग के गोले में तब्दील हो गया और देखते ही देखते फट गया। यह अबतक की सबसे छोटी अंतरिक्ष चट्टान थी, जिसे सटीकता के साथ मापा गया था।

कितनी बड़ी थी अंतरिक्ष चट्टान

लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 नवंबर, 2022 की सुबह नियाग्रा फॉल्स के ऊपर 2022 डब्ल्यूजे1 नामक एस्टेरॉयड हवा से तीव्र घर्षण के कारण फट गया। जिसकी वजह से नियाग्रा फॉल्स के ऊपर आसमान में 10 सेकंड तक हरे रंग की चमकदार रोशनी दिखाई दी। बकौल रिपोर्ट, 2022 डब्ल्यूजे1 एस्टेरॉयड का आकार एक औसतन घरेलू बिल्ली के आकार समान था।

एरिजोना में कैटालिना स्काई सर्वे के खगोलविदों ने 2022 WJ1 को पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होने से लगभग तीन घंटे पहले खोजा था। 22 नवंबर को द प्लैनेटरी साइंस जर्नल में प्रकाशित एक नई स्टडी में शोधकर्ताओं ने लोवेल डिस्कवरी टेलीस्कोप (LDT) और वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के कैमरों द्वारा एकत्र किए गए डेटा का विश्लेषण किया और पाया कि अंतरिक्ष चट्टान 16 से 24 इंच चौड़ी रही होगी।

मापा गया सबसे छोटा एस्टेरॉयड

शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह अबतक का सबसे छोटा एस्टेरॉयड है। 2022 WJ1 से भी छोटी अंतरिक्ष चट्टानें हर दिन पृथ्वी से टकराती हैं । हालांकि, उनमें से किसी को भी सही ढंग से मापा नहीं गया है। बकौल रिपोर्ट, खगोलविद हमारे ग्रह के चारों ओर परिक्रमा कर रहे विशाल संभावित रूप से खतरनाक अंतरिक्ष चट्टानों की पहचान करने में माहिर हैं, लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होने से पहले किसी एस्टेरॉयड को देख पाना बहुत दुर्लभ है।

2022 WJ1 जब नियाग्रा फॉल्स के ऊपर फटा उस वक्त यह महज छठा ऐसा एस्टेरॉयड था जिसे कभी देखा गया था। शोधकर्ताओं ने बताया कि अधिकांश अन्य अंतरिक्ष चट्टानें पूरी तरह से अज्ञात रहती हैं और आग का गोला बनने के बाद या जमीन पर गिरने पर खुद को प्रकट करती हैं।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 WJ1 एस्टेरॉयड का कभी कोई भी टुकड़ा बरामद नहीं किया गया, क्योंकि उनमें से अधिकांश के ओंटारियो झील में गिरने की उम्मीद थी।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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