Sombrero Galaxy: अनंत ब्रह्मांड के महज चंद रहस्यों को ही खगोलविद अबतक समझ पाए हैं और उससे भी कम हम इंसानों को पता है। खगोलविद लगातार शक्तिशाली और उन्नत टेलीस्कोप की मदद से ब्रह्मांड की गहराइयों में झांकने की कोशिश कर रहे हैं जिसकी बदौलत उन्होंने एक ऐसी गैलेक्सी का हैरतअंगेज नजारा कैप्चर किया जिसका आकार 800 अरब सूर्यों के आकार जितना है।
क्या है अनोखी गैलेक्सी का नाम?
NGC 4594 एक अनोखी और सुंदर आकाशगंगा है, जिसे मेसियर 104 और सोमब्रेरो आकाशगंगा भी कहते हैं। इसकी खोज 1781 में खगोलविद पियरे मेचेन ने की थी। इस गैलेक्सी की आकृत्ति धूल की मोटी परत की वजह से एक रिंग के समान प्रतीत होती है और इसी कारण गैलेक्सी के भीतर बन सकने वाले तारे अस्पष्ट हैं।
सोमब्रेरो आकाशगंगा का केंद्रीय उभार बेहद चमकीला है जिसमें एक सुपरमैसिव ब्लैक होल मौजूद है। इसकी चमक इतनी ज्यादा है कि बाकी चीजें फीकी लग रही हैं।

सोमब्रेरो गैलेक्सी (फोटो साभार: NASA Hubble)
साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, आकाशगंगाओं और तारा निर्माण के बारे में खगोलविदों को जो कुछ भी पता है उसके आधार पर यह माना जाता है कि धूल की अंगूठी नुमा सोमब्रेरो आकाशगंगा में तारकीय नर्सरी छिपी हो सकती है, जहां नए तारे पैदा हो रहे हैं। इसके अलावा आकाशगंगा के मध्य क्षेत्र में संभवत: दूसरी आकाशगंगाओं की तरह तारों का उभार था।
किसने कैप्चर किया अद्भुत नजारा
सोमब्रेरो आकाशगंगा का सुंदर नजारा वेब के मिड-इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (MIRI) द्वारा कैप्चर किया गया था। हालांकि, बाद में हबल स्पेस टेलीस्कोप ने भी तस्वीर ली। MIRI की तस्वीर में आकाशगंगा की धूल के बहुत से हिस्से दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि धूल की रिंग तारों के निर्माण का अहम स्रोत नहीं है। छवि आकाशगंगा के केंद्रीय क्षेत्र को भी उजागर करती है। ब्लैक होल के चारों ओर तारों के प्रभामंडल के बजाय, एक सपाट डिस्क है। कुल मिलाकर सोमब्रेरो गैलेक्सी हमारी अपेक्षा से कहीं अधिक असामान्य है।
