Galaxies World: धूल, गैस, डार्क मैटर और 10 लाख से लेकर एक ट्रिलियन तारों की फैली हुई प्रणालियां ही आकाशगंगा कहलाती हैं। ऐसा माना जाता है कि लगभग सभी बड़ी आकाशगंगाओं के केंद्र में एक सुपरमैसिव ब्लैकहोल होता है। खैर आज हम बात ब्रह्मांड की 5 अद्भुत आकाशगंगाओं के बारे में कर रहे हैं। (फोटो साभार: NASA Hubble)
Pinwheel Spiral Galaxy: पिनव्हील स्पाइरल गैलेक्सी को मेसियर 101 भी कहते हैं, जो पृथ्वी से लगभग 2.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। गैस, धूल और तारों वाली विशालकाय स्पाइरल गैलेक्सी 1.7 लाख प्रकाश वर्ष चौड़ी है। इसका मतलब है कि एक छोर से दूसरे छोर की दूरी 1.7 लाख प्रकाश वर्ष है। (फोटो साभार: NASA Hubble)
Sombrero Galaxy: सोमब्रेरो गैलेक्सी को मेसियर 104 भी कहते हैं, जो पृथ्वी से लगभग 2.8 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। सोमब्रेरो गैलेक्सी की खोज 1781 में फ्रांसीसी खगोलविद पियरे मेचेन ने की थी। (फोटो साभार: NASA Hubble)
NGC 3169 Galaxy: एनजीसी 3169 को LEDA 29855 या UGC 5525 भी कहते हैं, जो पृथ्वी से लगभग 7.6 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर सेक्सटेंस तारामंडल में स्थित है। यह एक स्पाइरल गैलेक्सी है जिसकी खोज जर्मनी में जन्मे ब्रिटिश खगोलविद विलियम हर्शेल ने 1783 में की थी। (फोटो साभार: NASA Hubble)
NGC 2985 Galaxy: एनजीसी 2985 गैलेक्सी सौरमंडल से लगभग 7 करोड़ प्रकाश वर्ष की दूरी पर उरसा मेजर तारामंडल में स्थित है। जिसकी खोज ब्रिटिश खगोलविद विलियम हर्शेल ने 3 अप्रैल, 1785 को की थी। एनजीसी 2985 का व्यास लगभग 95,000 प्रकाश वर्ष है। (फोटो साभार: NASA Hubble)
NGC 1672 Galaxy: एनजीसी 1762 गैलेक्सी, जिसे ESO 118-43, IRAS 04449-5920, LEDA 15941 या VV 826 के नाम से जाना जाता है, पृथ्वी से लगभग 4.9 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर डोरैडो तारामंडल में स्थित है। जिसकी खोज स्कॉटिश खगोलविद जेम्स डनलप ने 5 नवंबर, 1826 को की थी। (फोटो साभार: NASA Hubble)