Vande Mataram Row: कर्नाटक के कलबुर्गी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री के हालिया 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर एतराज जताते हुए खरगे ने कहा कि सरकार को ऐसे नए शब्द गढ़ने के बजाय देश की असल समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता बेरोजगारी, महंगाई, गिरते निवेश और युवाओं के हाथों को काम दिए जाने जैसे गंभीर विषयों पर जवाब चाहती है।
खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रोज नए-नए शब्द लेकर आते हैं। अब वे कह रहे हैं 'दिमागी नक्सल', तो इस हिसाब से क्या हम सब 'दिमागी नक्सल' हैं? उन्होंने कहा कि असली मुद्दों को किनारे रखकर 'वंदे मातरम' किसने गाया और किसने नहीं, इस पर राजनीति की जा रही है। उन्होंने बीजेपी से सवाल किया कि वे देश को यह बताएं कि उन्होंने देश के विकास और लोगों के हित के लिए क्या-क्या ठोस काम किए हैं।
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क्या हम इस देश के गद्दार-खरगे ने पूछा सवाल
स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस देश की आजादी के लिए हमारी पार्टी और नेताओं ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है। खरगे ने तीखा हमला बोलते हुए पूछा कि क्या हम इस देश के गद्दार हैं? हमने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, जबकि दूसरी तरफ अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण कर लिखित में माफीनामे दिए गए और आज वही लोग खुद को सबसे बड़ा देशभक्त बता रहे हैं। क्या उन्हें ऐसी बयानबाजी करते हुए शर्म नहीं आती?
सीएम रहते खुद पीएम ने क्यों नहीं गाया पूरा गीत-खरगे
'वंदे मातरम' विवाद पर आगे बोलते हुए खरगे ने कहा कि आज हमें राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाया जा रहा है और कहा जा रहा है कि जो वंदे मातरम नहीं गाता, वह देशद्रोही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री खुद मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने पूरा गीत क्यों नहीं गाया? सच्चाई तो यह है कि इन्हें पढ़ना तक नहीं आता। खरगे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लोकतंत्र में सरकारें बदलती रहती हैं। कल को कोई नई सरकार आएगी और पुरानी चीजों को खारिज करेगी, तो क्या हर बार नियमों को इसी तरह बदलते रहा जाएगा?
