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दो भारतीय पत्रकारों ने जीता पुलित्जर पुरस्कार, साइबर धोखाधड़ी को किया उजागर, कौन हैं सुपर्णा शर्मा?

Pulitzer Award: पुलित्जर पुरस्कार की वेबसाइट के अनुसार, 'ट्रैप्ड' शीर्षक से ब्लूमबर्ग के लिए तैयार की गई यह खबर भारत की एक न्यूरोलॉजिस्ट की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी बयां करती है...

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सुपर्णा शर्मा को पुलित्जर पुरस्कार

Suparna Sharma: भारतीय पत्रकार आनंद आर के और सुपर्णा शर्मा को डिजिटल निगरानी और साइबर धोखाधड़ी पर उनके काम के लिये प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सोमवार को घोषित इस पुरस्कार में आनंद और शर्मा को 'इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग एंड कमेंट्री' श्रेणी में यह सम्मान मिला। इस पुरस्कार को उन्होंने ब्लूमबर्ग की नताली ओबिको पियर्सन के साथ साझा किया।

पुलित्जर पुरस्कार की वेबसाइट के अनुसार, 'ट्रैप्ड' शीर्षक से ब्लूमबर्ग के लिए तैयार की गई यह खबर भारत की एक न्यूरोलॉजिस्ट की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी बयां करती है, जिन्हें जालसाजों ने 'डिजिटल अरेस्ट' किया था। तस्वीरों और शब्दों के अनूठे संगम से तैयार इस खबर ने डिजिटल निगरानी और साइबर ठगी के बढ़ते वैश्विक खतरे को बेहद प्रभावशाली तरीके से उजागर किया। कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पुलित्जर पुरस्कार पत्रकारिता, साहित्य और संगीत रचना के क्षेत्र में दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में गिना जाता है।

कौन हैं सुपर्णा शर्मा?

सुपर्णा शर्मा एक स्वतंत्र खोजी पत्रकार हैं, जिन्हें तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपराध, संघर्ष, राष्ट्रीय आपदाओं और भ्रष्टाचार सहित कई विषयों पर रिपोर्टिंग की है। 2023 में उन्होंने अल जजीरा के लिए दिल्ली में दो बुजुर्गों की मौत पर एक खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें अरबों डॉलर के बुजुर्ग देखभाल उद्योग में व्याप्त लालच और लापरवाही का पर्दाफाश किया गया था। रिपोर्ट में अधिकारियों द्वारा सच्चाई को दबाने के कथित प्रयासों को भी उजागर किया गया।

उन्होंने यह भी बताया है कि कैसे भारत की शीर्ष महिला पहलवानों को देश के कुश्ती प्रमुख पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद प्रतिशोध का सामना करना पड़ा। उनका काम अल जजीरा, रोलिंग स्टोन इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस, फ्रंटलाइन और बीबीसी अफ्रीका में प्रकाशित हो चुका है। उन्हें भारत के प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ काम करने का व्यापक अनुभव है।

सह-विजेता कौन हैं?

सुपर्णा शर्मा ने यह पुरस्कार चित्रकार और विजुअल कलाकार आनंद आरके और ब्लूमबर्ग की खोजी पत्रकार नताली ओबिको पियर्सन के साथ साझा किया।

सुपर्णा शर्मा को कितनी पुरस्कार राशि मिलेगी?

पुलित्जर पुरस्कार में 15,000 डॉलर का नकद पुरस्कार शामिल है। इस मामले में यह राशि तीन विजेताओं के बीच साझा की जाएगी। इस प्रकार, हर व्यक्ति को 5000 डॉलर मिलने की उम्मीद है।

सुपर्णा शर्मा ने कौन सा प्रोजेक्ट जीता?

उनकी टीम ने "ट्रैप्ड" नामक कॉमिक शैली की खोजी कृति के लिए पुरस्कार जीता। यह भारत में एक न्यूरोलॉजिस्ट की कहानी बताती है, जिसे एक प्रकार की डिजिटल गिरफ्तारी के माध्यम से बंधक बनाया गया था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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