Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के भव्य राम मंदिर के खजाने और चढ़ावे में हुए करोड़ों रुपये के गबन मामले में हर गुजरते दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 7 जून 2026 से शुरू हुए आरोपों और वित्तीय विसंगतियों के इस सिलसिले के महज एक हफ्ते के भीतर ही SIT जांच का जिम्मा संभाल चुकी है। कल अपने पहले ही दिन के एक्शन में एसआईटी की टीम करीब 6 घंटे तक राम मंदिर परिसर के भीतर सबूत तलाशती रही। यहां SIT ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े लोगो से बंद कमरे में लंबी पूछताछ की और डिजिटल ट्रेल खंगाला हैं। SIT के रडार पर कई बड़े नाम हैं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसमें रामशंकर यादव, सोमेश आनंद, केडी तिवारी जैसे लोग शामिल हैं।
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू- कभी चलाता था ऑटो रिक्शा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के सबसे करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम इस गबन में सामने आया है। अयोध्या में कभी मामूली ऑटो रिक्शा चलाने वाले और महज एक पुरानी बाइक से घूमने वाले टिन्नू के पास आज अयोध्या और लखनऊ जैसे महानगरों में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी चल-अचल संपत्तियां मौजूद हैं।
टिन्नू का पुश्तैनी मकान राम मंदिर से महज 1.5 किलोमीटर दूर स्वर्गद्वार इलाके में है, जहां इस समय उनके सगे भाई रहते हैं। अयोध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास उसका एक आलीशान स्टूडेंट हॉस्टल भी संचालित हो रहा है, जिसमें कुल 70 वीवीआईपी कमरे हैं। एसआईटी की टीम की जांच में ये भी शामिल हो सकता है। वर्तमान में आरोपी टिन्नू को राम मंदिर परिसर के भीतर बने पीसीएफ यात्री सुविधा केंद्र में पूछताछ की जा रही है।
सोमेश आनंद- भारी लगेज के साथ संदिग्ध यात्राएं
घोटाले की कड़ियों को जोड़ते हुए सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर एक और किरदार सोमेश आनंद आया है, जो मंदिर निर्माण के मुख्य प्रभारी का काम देख रहे गोपाल राव का रिश्तेदार बताया जा रहा है। सोमेश आनंद की संदिग्ध वित्तीय और यात्रा गतिविधियों का रिकॉर्ड देखकर सुरक्षा अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। महज 1 साल के भीतर सोमेश ने कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों की 50 से अधिक बेहद संदेहास्पद यात्राएं की हैं। वह हमेशा अयोध्या रेलवे स्टेशन से विशाल बोरों में भारी-भरकम लगेज भरकर ट्रेन से जाया करता था। फिर वहां से वापस डोमेस्टिक फ्लाइट से अयोध्या लौट आता था, फिलहाल सोमेश के बैंक खातों और हवाई टिकटों की भी स्क्रूटनी की जा सकती है।
केडी तिवारी- आभूषणों को गहनों की जिम्मेदारी
इस मामले में संदेहास्पद नाम केडी तिवारी का सामने आया है, जिनके पास रामलला के दरबार में आने वाले सोने-चांदी के कीमती आभूषणों और गहनों को संभालने और उनकी कस्टडी की मुख्य प्रशासनिक जिम्मेदारी थी। केडी तिवारी भी वर्तमान में गहरे संदेह के घेरे में हैं। केडी तिवारी द्वारा हाल ही में खरीदी गई 1.5 करोड़ रुपये की एक बेशकीमती जमीन का डीड एग्रीमेंट अब सीधे जांच के दायरे में आ गया है। केडी तिवारी ने इस पर अपनी सफाई देते हुए वीडियो जारी कर से कहा था कि, "मेरी ड्यूटी महज श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए आभूषणों को तौलकर उन्हें रसीद देने तक सीमित थी, उसके बाद मैं उसे ट्रस्ट के वरिष्ठों को सौंप देता था आगे गहनों के साथ क्या खेल होता था, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।
