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भारत में बैन हैं ये खतरनाक कुत्ते? अगर आपके घर में है ये डॉग ब्रीड, तो तुरंत जान लें ये नियम

भारत में कुत्तों की कई ऐसी नस्लें है, जिन्हें पालने, बेचने और उनकी ब्रीडिंग पर पाबंदी है। आइए जानते हैं कि इस लिस्ट में किन कुत्तों का नाम शामिल हैं और ऐसे कुत्तों को रखने पर क्या होगा?

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भारत में किन डॉग ब्रीड्स पर प्रतिबंध है

Ban Dog Breeds in India: देश में आवारा कुत्तों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों पर आवारा कुत्तों की मौजूदगी को एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसी जगहों से कुत्तों को हटाने के आदेश में बदलाव की मांग की गई थी। कोर्ट ने नवंबर 2025 में दिए गए आदेश में संशोधन से भी इनकार कर दिया। इस बीच देश में कुछ खतरनाक और ताकतवर मानी जाने वाली डॉग ब्रीड्स भी चर्चा में हैं। भारत में कई ऐसी कुत्तों की नस्लें हैं, जिन पर सरकार ने रोक या सख्त पाबंदियों लगाई हुई है। क्या आप जानते हैं कि इनमें कौन-कौन से डॉग शामिल हैं? और अगर आपके पास इनमें से कोई डॉग है, तो आपको क्या करना चाहिए?

दरअसल में भारत में अभी किसी भी कुत्ते की नस्ल (Dog Breed) पर पूरी तरह से देशभर में बैन नहीं लगाया गया है। लेकिन साल 2024 में केंद्र सरकार ने कुछ नस्लों पर रोक लगाने और सख्त नियम लागू करने की सलाह दी थी। इनमें उन कुत्तों की नस्ल का नाम शामिल है, जिन्हें काफी ताकतवर और आक्रामक माना जाता है, जिसके कारण इनको संभालना मुश्किल भी माना जाता है। इस लिस्ट में पिटबुल, रॉटवीलर, अमेरिकन बुलडॉग, डोगो अर्जेंटीनो, केन कोर्सो, टोसा इनू, अकिता और वुल्फ डॉग जैसी करीब 23 कुत्तों की नस्लें शामिल हैं। अगर इन कुत्तों को सही तरह से ट्रेनिंग और देखभाल न मिले तो ये लोगों के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकते हैं।

भारत में बैन कुत्तों की नस्लों के नाम

  • पिटबुल (Pitbull Terrier )
  • तोसा इनु (Tosa Inu)
  • अमेरिकन स्टैफोर्डशायर टेरियर (American Staffordshire Terrier)
  • फिला ब्रासीलेरो (Fila Brasileiro)
  • डोगो अर्जेंटिनो (Dogo Argentino)
  • अमेरिकन बुलडॉग (American Bulldog)
  • बोअरबोएलBoerboel
  • कंगाल डॉग Kangal
  • सेंट्रल एशियन शेफर्ड डॉग - ओवचार्का (Central Asian Shepherd Dog - ovcharka)
  • कोकेशियाई शेफर्ड डॉग - ओवचार्का (Caucasian Shepherd Dog - ovcharka)
  • दक्षिण रूसी शेफर्ड डॉग - ओवचार्का (South Russian Shepherd Dog - ovcharka)
  • टोर्नजैक सरप्लानिनाक (Tornjak Sarplaninac)
  • जापानी टोसा और अकिता (Japanese Tosa and Akita)
  • मास्टिफ - बोअरबुल (Mastiffs - boerbulls)
  • रॉटवीलर (Rottweiler)
  • टेरियर (Terriers)
  • रोडेशियन रिजबैक (Rhodesian Ridgeback)
  • वुल्फ डॉग (Wolf dogs )
  • कैनारियो डॉगCanario
  • अकबाश डॉग (Akbash dog)
  • मॉस्को गार्ड डॉग (Moscow Guard dog)
  • केन कोर्सो (Cane corso)
  • बैन डॉग (या बैंडोग) के नाम से जाने जाने वाले हर प्रकार के कुत्ते

क्यों बैन है ये कुत्ते

सरकार के अनुसार इन नस्लों से जुड़े कई कुत्तों के हमले और सुरक्षा संबंधी मामले सामने आए थे। कई जगहों से छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर भी कुत्तों के जानलेवा हमले की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद यह फैसला लिया गया था। विशेषज्ञों बताते हैं कि ये कुत्ते काफी ताकतवर होते हैं और इन्हें संभालने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग और अनुभव की जरूरत होती है। गलत तरीके से इन्हें पालने या ट्रेनिंग की कमी के चलते ये काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं।

अगर आपके पास पिटबुल और रॉटवीलर जैसे कुत्ते हैं, तो क्या करें

सरकार द्वारा 2024 में जारी एक एडवाइजरी के मुताबिक जिन लोगों के पास पहले से ये डॉग ब्रीड्स हैं, उन्हें अपने पालतू जानवर घर में रखने की अनुमति है। हालांकि स्थानीय प्रशासन के नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा और ब्रीडिंग को लेकर कुछ शर्तें लागू हो सकती हैं। सही ट्रेनिंग, देखभाल और सुरक्षा उपायों के जरिए इन कुत्तों को सुरक्षित तरीके से पाला जा सकता है।

राज्यों और शहरों में अलग-अलग नियम

कुत्तों की नस्लों को लेकर पूरे देश में एक समान नियम नहीं हैं। कुछ शहरों में इन नस्लों को लेकर ज्यादा सख्त नियम हैं, तो वहीं कुछ जगहों पर कई शर्तों के साथ इन्हें पालने की अनुमति दी जाती है। ऐसे में डॉग ओनर्स को अपने स्थानीय नगर निगम और प्रशासन के नियमों की जानकारी रखना जरूरी है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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