Axiom Mission-4: एक्सिओम-4 मिशन के साथ अंतरिक्ष में गए भारतीय अंतरिक्षयात्री 14 जुलाई को पृथ्वी पर वापस आ सकते हैं। नासा के अनुसार अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का एक्सिओम-4 मिशन 14 जुलाई को पृथ्वी पर लौटने की संभावना है। शुभांशु शुक्ला अभी स्पेस स्टेशन में हैं। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और उनके एक्सिओम-4 चालक दल ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 230 सूर्योदय देखे हैं और कक्षीय प्रयोगशाला में दो सप्ताह के अंत में अंतरिक्ष में लगभग 100 लाख किलोमीटर की यात्रा की है।
नासा ने वापसी पर क्या कहा
'नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन' (नासा) कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के मैनेजर स्टीव स्टिच ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम स्टेशन प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं और एक्सिओम-4 की प्रगति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। मुझे लगता है कि हमें उस मिशन को अनडॉक (अलग करना) करना होगा और इसका मौजूदा लक्ष्य 14 जुलाई है।"
अंतरिक्ष में शुभांशु शुक्ला ने क्या-क्या किया
एक्सिओम स्पेस के एक बयान में कहा गया है कि एक्सिओम मिशन 4 (एक्स-4) के चालक दल ने पृथ्वी के चारों ओर लगभग 230 परिक्रमाएं पूरी कर ली हैं और साठ लाख मील (96.5 लाख किलोमीटर) से अधिक की यात्रा की है। बयान में कहा गया है, "पृथ्वी से लगभग 250 मील ऊपर से चालक दल ने अपना खाली समय तस्वीरें और वीडियो लेने, धरती का नजारा देखने और प्रियजनों से फिर से जुड़ने में बिताया।"
किए कई रिसर्च
जैवचिकित्सा विज्ञान, उन्नत सामग्री, तंत्रिका विज्ञान, कृषि और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 60 से अधिक प्रयोगों के साथ, एक्स-4 मिशन में अब तक एक्सिओम स्पेस के निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन पर किए गए सबसे अधिक शोध शामिल हैं। ये शोध मानव अंतरिक्ष अन्वेषण और पृथ्वी पर जीवन के भविष्य को बदल सकती है, साथ ही मधुमेह प्रबंधन, नवीन कैंसर उपचार और मानव स्वास्थ्य और प्रदर्शन की बेहतर निगरानी जैसे क्षेत्रों में संभावित सफलताएं भी प्राप्त हो सकती हैं।
