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Meerut: किसान नेता से बर्बरता पर नए कप्तान का बड़ा एक्शन, दिग्विजय भाटी मामले में प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी से कथित मारपीट मामले में नए SSP बीबीजीटीएस मूर्ति ने पदभार संभालते ही थाना प्रभारी सिविल लाइंस समेत 8 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पूरे मामले की जांच सहारनपुर DIG को सौंपी गई है।

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घायल अवस्था में दिग्विजय भाटी (चित्र साभार: X/@yadavakhilesh)

भारतीय किसान यूनियन (बीआर आंबेडकर) के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव द्वारा पुलिस हिरासत में बर्बरतापूर्वक पिटाई किए जाने के गंभीर आरोपों के बाद मेरठ पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मेरठ के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण करते ही इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नए SSP ने सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।

इन 8 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

SSP बीबीजीटीएस मूर्ति द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जांच प्रभावित न हो इसलिए सिविल लाइंस थाने में तैनात 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है।

  1. निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ (थाना प्रभारी, सिविल लाइंस)
  2. उपनिरीक्षक मुलायम सिंह (थाना सिविल लाइंस)
  3. हेड कांस्टेबल (1094) हरि ओम (थाना सिविल लाइंस)
  4. कांस्टेबल (4016) मुकेश कुमार (थाना सिविल लाइंस)
  5. हेड कांस्टेबल (18) श्याम बाबू (थाना सिविल लाइंस)
  6. कांस्टेबल (1559) सुमित कुमार (थाना सिविल लाइंस)
  7. महिला कांस्टेबल (1676) नीलम लौर (थाना सिविल लाइंस)
  8. चालक ललित कुमार (थाना सिविल लाइंस)

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद 19 अगस्त का है, जब किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव SSP कार्यालय पहुंचे थे। दिग्विजय भाटी का आरोप है कि तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय और सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ ने उनके साथ अभद्रता की और बाद में एसओजी (SOG) कार्यालय ले जाकर पैर बांधकर डंडों से बर्बरतापूर्वक पिटाई की। दिग्विजय भाटी ने अपनी आंखों और शरीर पर आई गंभीर चोटों का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो वायरल हो गया। उन्होंने दावा किया कि इस वीडियो के सामने आने के बाद ही शासन स्तर से त्वरित कार्रवाई हुई। वहीं दूसरी ओर, सिविल लाइंस थाने की जीडी या नी जनरल डायरी में पुलिस की ओर से यह दर्शाया गया कि दिग्विजय और उनके साथी की स्कूटी फिसलने के कारण हादसा हुआ था, जिससे उन्हें चोटें आईं।

तत्कालीन SSP का तबादला और DIG को सौंपी गई जांच

मामले के तूल पकड़ने के बाद राज्य शासन ने गुरुवार देर रात तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय का मेरठ से तबादला कर दिया और उन्हें डीजीपी (DGP) मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया। उनकी जगह झांसी के SSP रहे बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ की कमान सौंपी गई। मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। निष्पक्षता के लिए जांच की जिम्मेदारी सहारनपुर रेंज के DIG अभिषेक सिंह को सौंपी गई है। DIG ने मेरठ पहुंचकर साक्ष्यों और बयानों के आधार पर अपनी जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने अपने आवास पर पीड़ित दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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