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EU को 'स्वीकार्य' नहीं इजराइल का E1 सेटलमेंट प्लान, कहा- यह द्वि-राष्ट्र समाधान को कमजोर करता है

इजरायली सरकार द्वारा E1 बस्ती परियोजना के लिए निर्माण निविदाएं जारी करने का फैसला अस्वीकार्य है। हम लंबे समय से इस कदम का विरोध करते रहे हैं। यह कदम वेस्ट बैंक को विभाजित करके और फिलिस्तीनी क्षेत्रों की क्षेत्रीय निरंतरता को तोड़कर दो-राष्ट्र समाधान को कमजोर करता है।

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इजराइल के E1 सेटलमेंट प्लान का विरोध।

Photo : ANI

Israel E1 settlement plan : यूरोपीयन आयोग की अध्यक्ष उर्सूला वोन डेर लेयेन ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को गाजा में E1 सेटलमेंट परियोजना के निर्माण के लिए निविदा जारी करने के इजराइल के फैसले की आलोचना की। उन्होंने इसे 'अस्वीकार' बताते हुए कहा कि यह द्वि-राष्ट्र समाधान वाले नजरिए को कमजोर बनाता है। लेयेन ने इस बारे में X पर ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूरोपीय आयोग, नीदरलैंड, कनाडा, नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, स्वीडन, बेल्जियम, स्पेन, आस्ट्रिया एवं ग्रीस की तरफ से एक संयुक्त बयान जारी किया है।

'निविदाएं जारी करने का फैसला अस्वीकार्य'

इजरायली सरकार द्वारा E1 बस्ती परियोजना के लिए निर्माण निविदाएं जारी करने का फैसला अस्वीकार्य है। हम लंबे समय से इस कदम का विरोध करते रहे हैं। यह कदम वेस्ट बैंक को विभाजित करके और फिलिस्तीनी क्षेत्रों की क्षेत्रीय निरंतरता को तोड़कर दो-राष्ट्र समाधान को कमजोर करता है।

उन्होंने आगे कहा, 'हम दो-राष्ट्र समाधान पर आधारित न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं।' ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब कब्जे वाले वेस्ट बैंक में एक बड़ी बस्ती बनाने की इजरायल की योजना की कई देशों ने आलोचना की है, अल जजीरा के अनुसार।

बोली लगाने पर विचार नहीं करना चाहिए-EU

एक संयुक्त बयान में देशों ने इस परियोजना में शामिल लोगों के लिए 'कानूनी और प्रतिष्ठा संबंधी परिणामों' की चेतावनी दी। बयान में कहा गया, 'व्यवसायों को निर्माण निविदाओं में बोली लगाने पर विचार नहीं करना चाहिए। उन्हें कानूनी और प्रतिष्ठा संबंधी परिणामों के बारे में पता होना चाहिए, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानून के गंभीर उल्लंघनों में खुद को शामिल करने का जोखिम भी शामिल है।' बयान में आगे कहा गया, 'अंतरराष्ट्रीय कानून स्पष्ट है कि वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियां अवैध हैं। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की स्थिति है, जिसकी पुष्टि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी की है। ऐसे समय में जब वेस्ट बैंक में गंभीर अस्थिरता, नागरिकों के खिलाफ बस्तीवासियों की अभूतपूर्व हिंसा और फिलिस्तीनी अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रतिबंध हैं, यह फैसला और भी चिंताजनक है।'

'योजनाओं को तत्काल वापस ले इजराइल'

देशों ने इजरायल से 'इन योजनाओं को तत्काल वापस लेने और वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार को समाप्त करने' का भी आग्रह किया। संयुक्त बयान में कहा गया, 'हम इजरायल सरकार से इन योजनाओं को तत्काल वापस लेने और वेस्ट बैंक में बस्तियों का विस्तार बंद करने का आग्रह करते हैं। ये कदम न केवल हमें शांति से और दूर ले जाएंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की स्थिति को भी और कमजोर करेंगे।' बयान में कहा गया, 'हम दो-राष्ट्र समाधान पर आधारित व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम इसके हित में काम करना जारी रखेंगे।'

3,400 आवासीय इकाइयां बनाने की योजना

अल जजीरा के अनुसार, E1 परियोजना में करीब 3,400 आवासीय इकाइयां बनाने की योजना है। इसके तहत कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम को माले अदुमिम बस्ती क्षेत्र से जोड़ा जाएगा। इससे वेस्ट बैंक के विभाजित होने और भविष्य में बनने वाले फिलिस्तीनी राज्य की क्षेत्रीय निरंतरता प्रभावित होने की आशंका है। रिपोर्ट के मुताबिक, कब्जे वाले क्षेत्रों में इजरायली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध माना जाता है। अक्टूबर 2023 में गाजा में इजरायल के युद्ध की शुरुआत के बाद से बस्तियों के विस्तार में भी वृद्धि हुई है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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