समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आजम खान (Azam Khan) को रामपुर कोर्ट ने गुरुवार (27 अक्टूबर) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi adityanath) पर उनकी टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ दायर हेट स्पीच (Hate speech) मामले में रामपुर कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। उन्हें विधायकी भी छड़नी पड़ेगी। कानून के मुताबिक दो साल से अधिक सजा होने पर विधानसभा या संसद की सदस्यता खत्म हो जाती है। आइए जानते हैं आखिर ये मामला है क्या?
आजम खान का हेट स्पीच विवाद क्या है?
भड़काऊ भाषण का यह मामला लोकसभा चुनाव 2019 का है। आजम खान इस चुनाव में रामपुर से समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) और बहुजन समाज पार्टी के संयुक्त उम्मीदवार थे। इस चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन था। आजम खान अपनी चुनावी सभा में भाषण के दौरान भड़काऊ भाषण दिए थे। सीएम योगी, पीएम मोदी और प्रशासनिक अधिकारियों गंभीर आरोप लगाए थे। उनके हेड स्पीच पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की थी। उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के कई मामले में दर्ज हुए थे। नफरत फैलाने जैसे गंभीर मामलों में मामले भी दर्ज हुए थे। इसमें एक मामला मिलक कोतवाली में हुआ था। इसी मामले में उनके खिलाफ 27 अक्टूबर को फैसला सुनाया गया। जिसमें तीन साल की सजा सुनाई गई है।
आजम खां ने की थी दंगा भड़काने की कोशिश
आजम खान (Azam Khan) के भड़काऊ भाषण को लेकर चुनाव आयोग की वीडियो टीम के इंचार्ज अनिल कुमार चौहान ने एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और तत्कालीन डीएम के खिलाफ अपशब्द कहे थे। उन्होंने धमकी दी थी और भड़काऊ भाषण के जरिये दंगा भड़काने की कोशिश की थी। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान धर्म के नाम पर लोगों से वोट डालने की अपील की। इसी मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया और सजा सुनाई गई।
