देश

हेट स्पीच मामले में आजम खान को 3 साल की सजा, लेकिन मिल गई बेल, विधायकी पर खतरा बरकरार

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 27, 2022, 06:02 PM IST

समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) के नेता आजम खान (Azam Khan)को गुरुवार को उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ उनकी टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ दायर अभद्र भाषा (Hate speech) के मामले में तीन साल की सजा सुनाई।

Image

हेट स्पीच मामले में आजम खान को सजा

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • आजम खा को भड़काऊ भाषण मामले में तीन साल की सजा हुई है।
  • कोर्ट ने धारा 125, 505 व 153 ए तहत दिए गए दोषी करार दिया था।
  • आजम खान को विधान सभा की सदस्यता छोड़नी पड़ेगी।

भड़काऊ भाषण (Hate speech) देने के मामले में समााजवादी पार्टी (सपा) के विधायक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान (Azam Khan) को 3 साल की जेल की सजा सुनाई गई और 25 हजार जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि उन्हें जमानत मिल गई है। सजा बरकरार रहने पर आजम खान को विधान सभा की सदस्यता छोड़नी पड़ेगी। दो साल से ज्यादा की सजा होने पर एमपी/एमएलए की सदस्यता खत्म हो जाती है। रामपुर कोर्ट ने आज ही दोषी करार दिया था। कोर्ट ने धारा 125, 505 और 153 ए तहत दोषी करार दिया था। गौर हो कि लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान रामपुर में एक चुनावी सभा मे भाषण के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi adityanath) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।

आजम खान को 7 दिनों के लिए दी गई अंतरिम जमानत

सजा सुनाई जाने के तुरंत बाद कोर्ट जमानत दे दी। जमानत की शर्त यह है कि आजम खान को इस आदेश के खिलाफ 7 दिनों के भीतर अपील दायर करने की छूट दी गई है। इसके बाद उसे इस अदालत को सूचित करना होगा कि उसकी जमानत याचिका अपीलीय अदालत ने स्वीकार कर ली है। जमानत बॉन्ड 25,000 रुपए है।

सरकारी वकील अजय तिवारी ने बताया कि भड़काऊ भाषण देने के मामले में रामपुर से सपा विधायक आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमे में रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 153 क (धार्मिक भावनाएं भड़काना), 505 क (विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनाएं पैदा करने के आशय से असत्य कथन) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 (चुनाव के सिलसिले में विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य बढ़ाना) के तहत दोषी करार देते हुए उन्हें तीन साल कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले के कारण खां की विधानसभा सदस्यता भी खत्म हो सकती है। इस मामले में दोनों पक्षों की बहस 21 अक्टूबर को पूरी हो गई थी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की थी।

उत्तर प्रदेश के सीएम और रामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में अप्रैल 2019 में रामपुर में खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article