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RJD नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने CM नीतीश को बताया अस्वस्थ, वक्फ बिल के समर्थन पर की आलोचना

Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने के बाद RJD के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अस्वस्थ हैं। आरजेडी नेता सिद्दीकी ने कहा कि स्वस्थ नीतीश कुमार वक्फ विधेयक का समर्थन नहीं करते।

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स्वस्थ नीतीश कुमार वक्फ विधेयक का समर्थन नहीं करते- अब्दुल बारी सिद्दीकी

Photo : ANI

Waqf Amendment Bill: संसद द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अस्वस्थ हैं, क्योंकि स्वस्थ कुमार इस विधेयक का समर्थन नहीं करते। सिद्दीकी ने कहा कि हालांकि उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है, लेकिन मैं यह नहीं कह सकता कि वह सीएम बनने के योग्य नहीं हैं। हालांकि, हम बिहार के सीएम नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को देख रहे हैं। मेरा मानना है कि स्वस्थ नीतीश कुमार ऐसा निर्णय नहीं ले सकते। यह निश्चित रूप से अस्वस्थ नीतीश कुमार द्वारा लिया गया निर्णय है।

विधेयक के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे विरोध प्रदर्शन- यासूब अब्बास

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएसपीएलबी) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने शुक्रवार को कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और इसके खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे। अब्बास ने दावा किया कि वक्फ संशोधन विधेयक के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को विचार देने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। अब्बास ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। अब्बास ने कहा कि हम संविधान की सीमाओं के भीतर शांतिपूर्वक विरोध करेंगे। हमने जेपीसी को पहले ही अपने विचार दे दिए थे, लेकिन हमें नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) और चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) पर मुस्लिम समुदाय का समर्थन नहीं करने के लिए निराशा व्यक्त की। वे मुस्लिम वोट चाहते हैं, और उन्हें लगता है कि उनके पैरों के नीचे की जमीन खिसक रही है। पैरो की जमीन वापिस लेने के लिए वे मुसलमानों की हित की बात कर रहे हैं। यह दुखद है कि जेडी(यू) और टीडीपी दोनों ने मुस्लिम समुदाय का समर्थन नहीं किया।

जल्दबाजी में विधेयक को मंजूरी देने का प्रयास अनुचित- मायावती

गुरुवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि जेडी(यू) और टीडीपी से वक्फ अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों का विरोध करने की उम्मीद थी क्योंकि मुस्लिम समुदाय उनके संबंधित राज्यों में उनका समर्थन करता है। महाली ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि जेडी(यू) और टीडीपी इस विधेयक का विरोध कर सकते हैं, क्योंकि इन दोनों पार्टियों को अपने-अपने राज्यों में मुस्लिम समुदाय का समर्थन प्राप्त है। हमें यह भी लगता है कि बेहतर होता अगर अन्य पार्टियां अधिक तथ्यों और आंकड़ों के साथ इस विधेयक का विरोध करतीं। विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध किया और इस पर अपनी आपत्तियां जताईं। बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार सुबह वक्फ संशोधन विधेयक के हाल ही में पारित होने पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि केंद्र सरकार का जल्दबाजी में विधेयक को मंजूरी देने का प्रयास अनुचित था। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस कानून का दुरुपयोग करती है तो उनकी पार्टी मुस्लिम समुदाय का समर्थन करेगी।

संसद ने गरमागरम बहस के बाद शुक्रवार तड़के वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया। विधेयक पारित करने के लिए सदन आधी रात के बाद भी बैठा रहा। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर वक्फ संशोधन विधेयक पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय के करोड़ों लोगों को फायदा होगा। रिजिजू ने कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का नाम बदलकर उम्मीद (एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तीकरण दक्षता और विकास) विधेयक रखा जाएगा।

बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा करने वाली लोकसभा ने बहस के बाद आधी रात को इसे पारित कर दिया। सरकार ने संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों को शामिल करने के बाद संशोधित विधेयक पेश किया, जिसने पिछले साल अगस्त में पेश किए गए कानून की जांच की थी। विधेयक 1995 के अधिनियम में संशोधन करने और भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार करने का प्रयास करता है। विधेयक का उद्देश्य पिछले अधिनियम की कमियों को दूर करना और वक्फ बोर्डों की दक्षता बढ़ाना, पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार करना और वक्फ रिकॉर्ड के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की भूमिका बढ़ाना है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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