चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी के उम्मीदवार की शानदार जीत के बाद पंजाब की राजनीति में भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। इस जीत में अकाली दल के छात्र संगठन स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (SOI) की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। SOI के उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद संगठन ने एबीवीपी को समर्थन देने का एलान किया था। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि छात्र संघ चुनाव का यह समीकरण आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है।
PU चुनाव को माना जा रहा विधानसभा चुनाव का 'ट्रेलर'
पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। राजनीतिक जानकार इसे विधानसभा चुनाव से पहले का 'ट्रेलर' बता रहे हैं। हालांकि असली तस्वीर विधानसभा चुनाव के दौरान ही साफ होगी।भाजपा की ओर से सार्वजनिक तौर पर लगातार कहा जा रहा है कि पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पंजाब भाजपा के नए प्रभारी सतीश पूनिया भी अपने हालिया पंजाब दौरों के दौरान यही बात दोहरा रहे हैं। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष और प्रदेश नेतृत्व की ओर से भी सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही जाती रही है। हालांकि सूत्रों का दावा है कि पर्दे के पीछे भाजपा और अकाली दल के बीच संपर्क बना हुआ है और गठबंधन की संभावनाओं पर बातचीत जारी है।
अकाली दल 'पुनर सुरजीत' को भी साथ लेने की तैयारी?
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा संभावित गठबंधन के दायरे में अकाली दल 'पुनर सुरजीत' को भी शामिल करने पर विचार कर रही है। इस संगठन का गठन अकाली दल से अलग हुए कुछ नेताओं ने किया है। अकाली दल 'पुनर सुरजीत' के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी कहा है कि भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी किसी भी गठबंधन में एजेंडा आधारित और शर्तों के साथ ही शामिल होगी।
हरसिमरत कौर बादल ने भी दिया था संकेत
भाजपा और अकाली दल के बीच गठबंधन को लेकर दोनों पार्टियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि हाल ही में अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल के बयान को गठबंधन की संभावनाओं के संकेत के तौर पर देखा गया था। इसके बावजूद दोनों दलों ने इस मुद्दे पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। सूत्रों की मानें तो दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक स्तर पर संपर्क लगातार बना हुआ है और चुनावी समीकरणों को लेकर संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।बिक्रम मजीठिया ने शाहरुख खान के अंदाज में टाला सवाल
गठबंधन के सवाल पर अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से जब सीधा सवाल किया गया तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब देने के बजाय शाहरुख खान की फिल्मों के नामों का सहारा लिया। उन्होंने 'कल हो ना हो' और 'कुछ कुछ होता है' जैसे फिल्मी संवादों के जरिए सवाल को टाल दिया। मजीठिया के इस जवाब ने गठबंधन की अटकलों को और हवा दे दी है।AAP ने कसा तंज
भाजपा-अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर आम आदमी पार्टी ने दोनों दलों पर निशाना साधा है। पंजाब सरकार में मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि ऐसा लगता है कि अकाली दल ने अपना आत्मसम्मान पूरी तरह खत्म कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो अकाली दल कभी गठबंधन में 'बड़े भाई' की भूमिका में हुआ करता था, वह अब भाजपा के सामने गठबंधन के लिए गिड़गिड़ाता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक तरफ सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कर रही है और दूसरी तरफ गठबंधन की चर्चाएं चल रही हैं। अमन अरोड़ा ने दावा किया कि गठबंधन हो या न हो, पंजाब की जनता भाजपा को पहले भी नकार चुकी है और आगे भी नकार देगी।
क्या PU चुनाव ने दिए गठबंधन के संकेत?
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में SOI के समर्थन से एबीवीपी की जीत ने भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल की चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है। हालांकि छात्र राजनीति के इस समीकरण को सीधे विधानसभा चुनाव से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी। दोनों दलों की ओर से आधिकारिक घोषणा होने तक गठबंधन को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं मानी जा सकती।
