ET Now Global Business Summit 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दावोस मीट को बिजनेस एक्जीक्यूटिव्स का 'कुंभ मेला' कहा। एक हल्के-फुल्के अंदाज में पीएम ने दावोस मीट की तुलना बिजनेस एग्जिक्यूटिव्स के 'कुंभ मेले' से की और मजाकिया लहजे में कहा कि वहां इस्तेमाल किया जाने वाला 'तरल पदार्थ' अलग होता है। पीएम मोदी ने यह बात ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2024 में कही। उनकी इस बात पर कार्यक्रम में मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए। दावोस में ग्लोबल बिजनेस लीडर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एकत्र होते हैं। आमतौर पर ऐसी सभाओं के दौरान 'पेय पदार्थों' का आनंद लिया जाता है।
10 वर्षों में देश का पैसा बचाया-पीएम
अपने हल्के अंदाज के बाद प्रधानमंत्री गंभीर हुए और अपनी बात कहनी शुरू की। अपनी सरकार के कार्यों को सिलसिलेवार तरीके से रखते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे उनकी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में देश का पैसा बचाया और लोगों को लाभ पहुंचाया।
10 करोड़ फर्जी खाते हटाए
प्रधानमंत्री ने कहा, 'आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि हमारी सरकार आने से पहले कागजों पर 10 करोड़ ऐसे नाम चले आ रहे थे, जो फर्जी लाभार्थी थे. ये लोग कभी पैदा ही नहीं हुए। इन फर्जी लाभार्थियों में ऐसी विधवाएं थीं, जो कभी पैदा ही नहीं हुईं.' उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने ऐसे 10 करोड़ फर्जी खातों को हटाकर देश का पैसा बचाया।
पीएम मोदी ने उस दौर को याद किया, जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में थी। महामारी ने दुनिया को ठप कर दिया था, भारत भी इसकी चपेट में था। तब मोदी सरकार ने नोबेल प्राइज विजेताओं तक की सलाह को अनसुना कर, अपने अनुभव से भारत की अर्थव्यवस्था को बचाए रखा। पीएम मोदी ने कहा- "उस समय बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स की यही राय थी कि नोट छापो, ताकि डिमांड बढ़े, उद्योगपतियों को तो मैं समझ सकता हूं, लेकिन सारे नोबेल प्राइज विनर भी मुझे यही कहते थे, दुनिया की अनेक सरकारों ने यह रास्ता अपनाया भी था, लेकिन इस कदम से और भले कुछ हुआ नहीं, लेकिन हम देश की इकोनॉमी को अपनी मर्जी के हिसाब से चला पाए। उन लोगों का हाल ये था कि आज भी महंगाई को कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं।"
कंट्रोल में महंगाई-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों के कारण आज देश में हर क्षेत्र में मौके हैं। आज महंगाई भी कंट्रोल में है। पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश की विकास यात्रा में एक समय ऐसा आता है, जब सारी परिस्थितियां उसके पक्ष में होती हैं। ये वो समय होता है जब वो देश अपने आपको, आने वाली कई-कई सदियों के लिए मजबूत बना लेता है। मैं भारत के लिए आज वही समय देख रहा हूं।
