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Cyclone Mocha ने म्यांमार में मचाई तबाही, कई मकान ध्वस्त, जानिए भारत के लिए कितना बड़ा खतरा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 15, 2023, 09:50 AM IST

सितवे के 300,000 निवासियों में से 4,000 से अधिक को अन्य शहरों में ले जाया गया था और 20,000 से अधिक लोगों ने मठों, पगोडा और स्कूल में शरण ली। इस खबर पर पूरा अपडेट जानिए।

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Cyclone Mocha

Photo : ANI

Cyclone Mocha: बहुत गंभीर रूप धारण करने के बाद चक्रवाती तूफान मोचा म्यांमार के ऊपर एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में कमजोर हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यह लगातार कमजोर होता जा रहा है और अगले कुछ घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान बन जाएगा। यानी इससे ओडिशा से आसपास ज्यादा नुकसान नहीं होगा।

म्यांमा के तट पर दस्तक, मचाई तबाही

शक्तिशाली तूफान मोचा ने म्यांमार के तट पर दस्तक दे दी है और इसकी चपेट में आने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं तथा कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। इस शक्तिशाली तूफान से बचने के लिए रविवार को हजारों लोग मठों, पैगोडा और स्कूलों में शरण लेने पहुंचे। म्यांमार के मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवात मोचा के कारण रविवार दोपहर म्यांमार के रखाइन राज्य में सितवे कस्बे के पास 209 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। तूफान पहले बांग्लादेश के सेंट मार्टिन द्वीप से गुजरा, जिससे काफी क्षति हुई और कई लोग हताहत हुए।

मोबाइल टावर ढहे, अधिकांश क्षेत्रों में संचार संपर्क टूटा

इससे पहले दिन में तेज हवाओं के कारण कई मोबाइल टावर टूट गए, जिससे अधिकांश क्षेत्र में संचार संपर्क टूट गया। रखाइन में मीडिया ने बताया कि चक्रवात के प्रभाव से हुई बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया, निचले इलाकों में लोग अपने घरों में फंसे हुए थे और कस्बे के बाहर पीड़ितों के चिंतित रिश्तेदार बचाव के लिए अपील कर रहे थे। म्यांमार के सैन्य सूचना कार्यालय ने कहा कि तूफान ने सितवे, क्यौकप्यू और ग्वा कस्बों में घरों, बिजली के ट्रांसफार्मर, सेल फोन टावरों, नावों और लैम्पपोस्ट को नुकसान पहुंचाया है। इसने कहा कि तूफान के कारण देश के सबसे बड़े शहर यांगून से लगभग 425 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में कोको द्वीप पर खेल भवनों की छतें भी गिर गई हैं।

मठों, पैगोडा और ऊंचाई वाले स्थानों में ली शरण

सितवे में आश्रय स्थलों में सहायता कार्य कर रहे टिन नयेन ओ ने कहा कि 3,00,000 लोगों की आबादी वाले सितवे में 4,000 से अधिक लोगों को दूसरे शहरों में ले जाया गया है और 20,000 से अधिक लोगों ने मठों, पैगोडा और शहर के ऊंचाई वाले इलाकों में स्थित स्कूलों जैसी मजबूत इमारतों में शरण ली है। एक स्थानीय चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष लिन लिन ने कहा कि अपेक्षा से अधिक लोगों के आने के बाद सितवे में आश्रय स्थलों में पर्याप्त भोजन नहीं है। म्यांमार में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के प्रतिनिधि टिटन मित्रा ने ट्वीट किया, ‘मोचा ने दस्तक दे दी है। 20 लाख लोग खतरे में हैं। नुकसान और क्षति व्यापक होने की आशंका है। हम इससे निपटने के लिए तैयार हैं और सभी प्रभावित समुदायों तक निर्बाध सहायता पहुंचाने की आवश्यकता होगी।’

कई लोगों के मारे जाने की सूचना

म्यांमार में रविवार को तेज हवाओं और बारिश के कारण कई लोगों के मारे जाने की सूचना मिली। चक्रवात मोचा के मार्ग में आए बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में अधिकारियों ने पहले कहा था कि उन्होंने हजारों लोगों को निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया। ढाका में बांग्लादेश मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक अजीजुर रहमान ने कहा, हालांकि दोपहर तक ऐसा प्रतीत हुआ कि तूफान पूर्व की ओर बढ़ गया और देश का अधिकतर हिस्सा इससे अछूता रहा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि बांग्लादेश में जोखिम का स्तर काफी हद तक कम हो गया है।

सितवे की सड़कें नदी में बदल गईं

एक दशक से भी अधिक समय में बंगाल की खाड़ी से टकराने वाले सबसे बड़े तूफान मोचा के कारण सितवे की सड़कें नदी में बदल गईं। म्यांमार के सैन्य सूचना कार्यालय ने कहा कि चक्रवात ने सितवे, क्यौकप्यू और ग्वा टाउनशिप में घरों, बिजली के ट्रांसफार्मर, मोबाइल फोन टावरों, नावों और लैम्पपोस्ट को नुकसान पहुंचाया है। इसने कहा कि तूफान ने देश के सबसे बड़े शहर यांगून से लगभग 425 किमी (264 मील) दक्षिण पश्चिम में कोको द्वीप पर खेल भवनों की छतें भी गिरा दीं।

मोचा पड़ा कमजोर

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान 'मोचा' म्यांमार के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में कमजोर हो गया है। इसका लगातार कमजोर होना जारी है और अगले कुछ घंटों के दौरान यह एक चक्रवाती तूफान बन जाएगा। इसके अलावा मोचा ने निचले पड़ोसी बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों के घनी आबादी वाले समूह को कोई नुकसान नही पहुंचाया।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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