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SC पहुंची शिवसेना नाम और चुनाव चिन्ह की लड़ाई, उद्धव गुट ने EC के फैसले को दी चुनौती

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Feb 20, 2023, 12:18 PM IST

Uddhav Thackeray faction : शिवसेना नाम एवं उसके चुनाव चिन्ह की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। एकनाथ शिंदे गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित करने के चुनाव आयोग (EC) के फैसले के खिलाफ उद्धव गुट ने सोमवार को शीर्ष अदालत में याचिका दायर की।

Uddhav Thackeray faction : शिवसेना नाम एवं उसके चुनाव चिन्ह की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। एकनाथ शिंदे गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित करने के चुनाव आयोग (EC) के फैसले के खिलाफ उद्धव गुट ने सोमवार को शीर्ष अदालत में याचिका दायर की। इस अर्जी में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी गई है। कोर्ट इस अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई करेगा। शिवसेना को एक और झटका लगा है। पार्टी ने अपना आधिकारिक ट्विटर हैंडल और यूट्यूब से ब्लू टिक भी खो दिया है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना से अपना नाम बदलकर बदलकर शिवसेना यूबीटी कर दिया है।

याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से एससी का इंकार

उद्धव गुट ने ईसी के फैसले के खिलाफ दायर अपनी अर्जी पर तत्काल सुनवाई करने की मांग की थी। इस बीच, उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत के खिलाफ नासिक में शिकायत दर्ज कराई गई है। राउत पर आरोप है कि उन्होंने नासिक में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया।

राउत बोले-शिवसेना आग है, जो नहीं बुझेगी

राउत ने 'सामना' के संपादकीय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला किया है। राउत का आरोप है कि शिवसेना को तोड़ने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च किए गए। उन्होंने कहा, 'शिवसेना महाराष्ट्र का आत्मसम्मान है। मराठी लोगों के आत्मसम्मान क लिए बालासाहेब ने शिवसेना खड़ी की।' इस संपादकीय में अमित शाह को कथित रूप से महाराष्ट्र एवं मराठियों का सबसे बड़ा दुश्मन बताया गया है। राउत ने कहा कि 'शिवसेना कभी खत्म नहीं होगी। वह एक आग है जो कभी नहीं बुझेगी।'

शिवसेना का बयान आया सामने

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि ब्लू टिक को ट्विटर ने अपनी पॉलिसी के अनुसार हटा दिया है। हमने दोबारा इसके लिए आवेदन किया है। शिवसेना की आधिकारिक पार्टी वेबसाइट Shivsena.org भी शनिवार से काम नहीं कर रही है और पार्टी पदाधिकारी ने कहा कि वे वेबसाइट के डोमेन नाम को भी बदल सकते हैं।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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