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Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा के फरार पति ने अग्रिम जमानत याचिका ली वापस, अब भोपाल कोर्ट में करेगा सरेंडर

ट्विशा शर्मा का फरार पति समर्थ सिंह जबलपुर हाईकोर्ट सरेंडर करने पहुंचा था लेकिन कोर्ट ने उससे कहा है कि आप संबंद्धित अदालत में ही जाकर सरेंडर करें यानी समर्थ अब भोपाल कोर्ट में ही सरेंडर करेगा।

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ट्विशा शर्मा के फरार पति समर्थ सिंह (फाइल फोटो)

नोएडा की रहने वाली 33 साल की ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। उनके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए परेशान करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। उनके पति, समर्थ सिंह (Samarth Singh) जो पिछले 10 दिनों से फरार थे, ने अब सरेंडर करने की पेशकश की है। उनके वकील ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को इस बारे में जानकारी दी।

उनके वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि समर्थ सिंह अपनी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी वापस ले लेंगे। नोएडा की रहने वाली 33 साल की ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। उनके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए परेशान करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया, जबकि सिंह परिवार ने दावा किया कि ट्विशा को नशे की लत थी।

गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने के मामले में कोर्ट ने 25 मई को सुनवाई तय की है। ट्विशा शर्मा के शव का पुनः पोस्टमार्टम करने के मुद्दे पर भी सुनवाई हुई है।

समर्थ सिंह जबलपुर हाईकोर्ट सरेंडर करने पहुंचा

इसके अलावा समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर भी हुई सुनवाई, कोर्ट में समर्थ सिंह की तरफ से सरेंडर करने की जानकारी दी गई है।

कोर्ट ने जांच अधिकारियों या जिला कोर्ट में सरेंडर करने पर सहमति दी है। इस घटनाक्रम के बाद अब जल्द ही समर्थ सिंह भोपाल में सरेंडर कर सकता है। बताते हैं कि समर्थ सिंह जबलपुर हाईकोर्ट सरेंडर करने पहुंचा था लेकिन कोर्ट ने उससे कहा है कि आप संबंद्धित अदालत में ही जाकर सरेंडर करें यानी समर्थ अब भोपाल कोर्ट में ही सरेंडर करेगा।

कोर्ट ने ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग मानी

कोर्ट ने दिल्ली एम्स की टीम द्वारा भोपाल एम्स में पोस्टमार्टम करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग भी मान ली। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से इस मामले को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हुए कहा था कि 'समय तेजी से बीत रहा है।' हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकला कि 33 साल की ट्विशा ने आत्महत्या की थी, लेकिन उनके परिवार ने इसे मानने से इनकार कर दिया है और किसी गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

वकील ने दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग का विरोध किया

दूसरी ओर, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की तरफ से पेश होते हुए उनके वकील ने दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि पोस्टमॉर्टम पहले ही AIIMS के डॉक्टरों द्वारा किया जा चुका है, इसलिए एक और जांच की क्या जरूरत है?

वकील ने कोर्ट के सामने दलील दी, 'दूसरा पोस्टमॉर्टम करवाना मेडिकल बिरादरी का अपमान है। यह उनकी अपनी अक्षमता को दिखाता है और यह भी साबित करता है कि उन्हें अपने ही डॉक्टरों पर भरोसा नहीं है।' इस मामले में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों की ईमानदारी का बचाव किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर पीड़ित परिवार को लगता है कि किसी बात को नज़रअंदाज़ किया गया है, तो दूसरी राय (second opinion) ली जा सकती है।

'शव को सड़ने के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए'

उन्होंने कोर्ट में कहा, 'डॉक्टरों की निष्पक्षता बेमिसाल है। लेकिन अगर पीड़ित परिवार को लगता है कि कुछ छूट गया है, तो दूसरी राय ली जा सकती है।' इस बीच, अंतिम संस्कार में किसी भी तरह की देरी का विरोध करते हुए, सिंह के वकील ने यह भी दलील दी कि शव को सड़ने के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए। 'वह हमारे परिवार की बहू थी। उसका अंतिम संस्कार करना हमारा फ़र्ज़ है,' वकील ने कहा। यह घटनाक्रम मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश किए जाने और जांच को इस प्रमुख केंद्रीय एजेंसी को हस्तांतरित करने पर अपनी सहमति दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद सामने आया है।

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Ravi Vaish
रवि वैश्य author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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