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Exclusive: 'एथेनॉल ब्लेंडिंग से कम हुआ कच्चे तेल का आयात', E20 पेट्रोल पर उठ रहे सवालों के बीच बोले हरदीप पुरी

E20 Petrol Row: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता काफी हद तक कम हुई है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और किसानों की आमदनी बढ़ी है।

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केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (फाइल फोटो)

E20 Petrol Row: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा है कि इस पहल ने भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को काफी हद तक कम किया है। उन्होंने E20 ईंधन को लेकर हो रही आलोचना को "रेंट-ए-कॉज" करार दिया और कहा कि कई लोग बिना पूरी जानकारी के केवल ट्रेंडिंग मुद्दों का हिस्सा बन जाते हैं।

टाइम्स नाउ के साथ खास बातचीत में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यदि भारत ने एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम लागू नहीं किया होता, तो देश को लगभग 309.98 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त कच्चे तेल का आयात करना पड़ता।

एथेनॉल पर चलती थीं हेनरी फोर्ड की कारें

उन्होंने आगे एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का एक अहम हिस्सा बताते हुआ कहा कि हेनरी फोर्ड की शुरुआती कारें भी एथेनॉल पर चलती थीं और ब्राजील जैसे देश लंबे समय उच्च स्तर के एथेनॉल मिश्रित ईंधन पर निर्भर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''एथेनॉल ईंधन कोई नई अवधारणा नहीं है। हेनरी फोर्ड की शुरुआती गाड़ियां एथेनॉल पर चलती थीं और ब्राज़ील जैसे देश दशकों से उच्च स्तर के एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रहे हैं।''

E20 ईंधन को लेकर उठ रही चिंताओं पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसका व्यापक जन विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा, "हमें जो कुछ देखने को मिल रहा है, वह 'रेंट-ए-कॉज' है। कई लोग बिना पूरी जानकारी के सिर्फ ट्रेंडिंग मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने लगते हैं।"

इससे पहले, शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) कार्यक्रम को लेकर उठे सवालों का जवाब देने के लिए एक विस्तृत प्रश्नोत्तर दस्तावेज जारी किया। मंत्रालय ने स्वीकार किया कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से कुछ वाहनों के माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।

हालांकि, मंत्रालय का कहना है कि यह मामूली कमी E20 के कई फायदों के सामने बहुत छोटी है। E20 में उच्च ऑक्टेन रेटिंग, बेहतर एंटी-नॉक क्षमता, तीव्र दहन, बेहतर पिकअप, स्मूथ एक्सीलरेशन, स्वच्छ इंजन संचालन और कम कार्बन उत्सर्जन जैसे महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं। मंत्रालय के मुताबिक, भारत में एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की शुरुआत साल 2001 में पायलट परियोजना के तौर पर हुई थी। ऐसे में 2006 तक देश के कुछ हिस्सों में 5 फीसदी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की आपूर्ति शुरू की गई थी।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ता author

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स ... और देखें

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