कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने देश की शीर्ष अदालतों में केंद्र सरकार का पक्ष रखने वाली मौजूदा कानूनी टीम पर एक बार फिर बड़ा भरोसा जताया है। सरकार ने भारत के सॉलिसिटर जनरल (Solicitor General of India) तुषार मेहता को 1 जुलाई से अगले तीन साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट और अन्य संवैधानिक अदालतों में केंद्र सरकार के कानूनी नेतृत्व में निरंतरता और स्थिरता बनी रहेगी।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा 20 जून को जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता नए तीन वर्षीय कार्यकाल या अगले आदेश तक देश के दूसरे सबसे बड़े कानून अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
संवैधानिक मामलों में सरकार का सबसे प्रमुख चेहरा
तुषार मेहता देश के सबसे प्रमुख और जाने-माने कानूनी चेहरों में से एक हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय सुरक्षा, संवैधानिक व्याख्या, नागरिकता से जुड़े मुद्दों, चुनावी सुधार, टैक्स मामलों, डिजिटल रेगुलेशन और केंद्र-राज्य विवादों जैसे कई ऐतिहासिक मामलों में भारत सरकार का मजबूती से प्रतिनिधित्व किया है। वे नियमित रूप से सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठों के समक्ष उपस्थित होते रहे हैं।
मूल रूप से गुजरात के रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता साल 2014 में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के रूप में केंद्र सरकार की लीगल टीम में शामिल हुए थे। इसके बाद अक्टूबर 2018 में उन्हें प्रमोट कर भारत का सॉलिसिटर जनरल बनाया गया। इस री-अपॉइंटमेंट के बाद वे हाल के वर्षों में इस पद पर सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले अधिकारियों में से एक बन गए हैं। केंद्र में आने से पहले वे गुजरात के अतिरिक्त महाधिवक्ता (Additional Advocate General) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के 5 ASG को भी मिला सेवा विस्तार
तुषार मेहता के साथ ही, कैबिनेट समिति ने सुप्रीम कोर्ट के लिए पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है। इन सभी का कार्यकाल भी 3 वर्षों के लिए बढ़ाया गया है। इनमें विक्रमजीत बनर्जी और के.एम. नटराज का नाम है। इनका नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। साथ ही सूर्यप्रकाश वी. राजू, एन. वेंकटरमन और ऐश्वर्या भाटी का भी सेवा विस्तार हुआ है। इन तीनों का नया कार्यकाल 30 जून 2026 से शुरू होगा। इन सभी एडिशनल सॉलिसिटर जनरल्स ने सुप्रीम कोर्ट में क्रिमिनल जस्टिस, संवैधानिक कानून, आर्थिक विनियमन और गवर्नेंस से जुड़े पेचीदा मामलों में सरकार का पक्ष रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
