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The Kerala Story वाराणसी में साधु-संतों ने देखी, बोले-केरल में हुआ धर्मांतरण का बड़ा खेल- Video

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: रवि वैश्य
  • Updated May 6, 2023, 09:09 PM IST

Kashi saints on The Kerala Story: 'द केरला स्टोरी' फिल्म पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है वहीं इस बीच वाराणसी में अखिल भारतीय संत समिति के कई संत और प्रबुद्धजीवी मूवी देखने पहुंचे।

सुदीप्तो सेन द्वारा लिखित और निर्देशित 'द केरला स्टोरी' हिंदी भाषा में बनी फिल्म है। अदा शर्मा अभिनीत यह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म की कहानी केरल से कथित तौर पर गायब हुईं 'लगभग 32,000 महिलाओं' की 'खोज' पर आधारित है वहीं दूसरी तरफ वाराणसी में अखिल भारतीय संत समिति के दर्जनों संत और प्रबुद्धजीवी शुक्रवार को फिल्म देखने पहुंचे संतों ने कहा कि फिल्म में दिखाया गया है कि हिंदू लड़कियों का किस तरह से ब्रेन वॉश कर उनका धर्मांतरण कराया जाता है।

काशी के संत समाज ने फिल्म 'द केरल स्टोरी' देखी, संतों ने फिल्म की सराहना की है और कहा है कि इससे पहले बॉलीवुड में लव जिहाद को बढ़ावा देने वाली फिल्में बनती थीं, अब सत्य पर आधारित फिल्में बन रही हैं।

काशी के संत समाज ने घर-घर में इस फिल्म को देखने की अपील की है, वहीं केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस के अनुसार, फिल्म में किया गया यह दावा सरासर गलत है कि 32,000 महिलाओं का धर्म परिवर्तन किया गया, उन्हें कट्टरपंथी बनाया गया तथा उन्हें भारत एवं दुनिया में आतंकी मिशन में तैनात किया गया।

काशी के संत 'द केरला स्टोरी' फिल्म देखने पहुंचे

वाराणसी के सिगरा स्थित आईपी मॉल में हर-हर महादेव और जय जय जय श्री राम के उद्घोष के साथ काशी के संत 'द केरला स्टोरी' फिल्म देखने पहुंचे, बताते हैं कि मूवी देख कर संत काफी मर्माहत दिखाई दिये अखिल भारतीय संत समिति के सचिव ने कहा कि केरला में धर्मांतरण और लव जिहाद का बड़ा खेल किया गया हिन्दू लड़कियों को मुस्लिम बनाकर उनका ब्रेन वॉश किया गया, उसके बाद उन्हें गायब कर दिया गया।

राजनीति में भी फिल्म को लेकर हंगामा मचा हुआ है

गौर हो कि फिल्म 'द केरल स्टोरी' का मुस्लिम समुदाय के द्वारा विरोध किया जा रहा है साथ ही साथ राजनीति में भी फिल्म को लेकर हंगामा मचा हुआ है, फिल्म में केरल की 32 हजार महिलाओं के जबरन धर्मांतरण कराने और आईएसआईएस में शामिल कराने की कहानी दिखाई गई है। फिल्म में प्रदर्शित की गई इस कहानी को फर्जी बताते हुए समाज का एक तबका इसका विरोध कर रहा है।

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