डॉ.भीमराव आंबेडकर के 66वें परिनिर्वाण दिवस (पुण्यतिथि) पर तमिलनाडु में बवाल हो गया। मंगलवार (छह दिसंबर, 2022) को वहां एक पोस्टर में बाबा साहब को भगवामयी दिखाया गया। पोस्टर में अंबेडकर केसरिया कपड़ों और माथे पर तिलक के साथ दिखाए गए थे। पोस्टर को लेकर सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न लोगों ने आपत्ति जताई। सांसद थोलकप्पियां थिरुमवलवन इस पोस्टर को ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि यह कोशिश अंबेडकर को नीचा दिखाने का तरीका है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यह पोस्टर इंदू मक्कल कचई ( Indu Makkal Katchi) की ओर से Kumbakonam में लगवाए गए। इस बाबत इंदू मक्कल कचई के संस्थापक अर्जुन संपत ने एजेंसी को बताया- अंबेडकर की पहचान राष्ट्रीय नेता की है।
वहीं, एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई साथ्यन ने हमारे अंग्रेजी चैनल टाइम्स नाउ को बताया- यह बेहद निंदनीय है। ऐसी हरकतों के पीछे के इरादों की जांच की जानी चाहिए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है पर गुप्त मंशा से यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक सुमंथ रमण ने बताया कि यहां उत्तेजना का एक तत्व है। खासकर जब जाति पर डॉ.अम्बेडकर के विचार जगजाहिर हैं। वैसे, हिंदू एक्टिविस्ट राहुल ईश्वर ने कहा कि हर रंग अंबेडकर का है और वह हर रंग के हैं।
