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Dr B.R Ambedkar Quotes: युवाओं को आज भी प्रेरणा देते हैं बाबा साहेब के ये विचार, जरूर पढ़ें उनकी लिखी ये किताबें

  • Authored by: शिवम पांडे
  • Updated Dec 5, 2022, 07:32 PM IST

Dr BR Ambedkar Death Anniversary: भारतीय संविधान के निर्माता डॉ.बी.आर.अंबेडकर की छह दिसंबर को पुण्यतिथि है। साल 1956 में उनका निधन हो गया था इसके बाद से ही उनकी पुण्यतिथि को परिनिर्वाण दिवस के तौर पर मनाया जाता है। बाबा साहेब की विचार आज भी युवाओं को प्रेरणा देते हैं।

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Dr BR Ambedkar

KEY HIGHLIGHTS
  • छह दिसंबर को है बाबा साहेब बी.आर.अंबेडकर की पुण्यतिथि।
  • बाबा साहेब की पुण्यतिथि को कहा जाता है परिनिर्वाण दिवस।
  • बाबा साहेब के विचार आज भी युवाओं को प्रेरणा देते हैं।

Dr B.R.Ambedkar famous Quotes: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर (BR Ambedkar) की छह दिसंबर को पुण्यतिथि है। छह दिसंबर साल 1956 में बाबा साहब का निधन हो गया था। इसके बाद से ही इस दिन को परिनिर्वाण के तौर पर मनाया जाता है। बाबा साहेब ने निचली जातियों के उत्थान के लिए काफी काम किया था। वह संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन थे। साल 1990 में बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

बाबा साहेब अंबेडकर का जन्म साल 1891 को मध्य भारत प्रांत (अब मध्य प्रदेश) के महू छावनी शहर में हुआ था। उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी की थी। बाबा साहेब ने निचली जातियों के उत्थान के लिए महार आंदोलन चलाया था। भारतीय संविधान का मसविदा बनाने के अलावा डॉ. अंबेडकर स्वतंत्रत भारत के पहले कानून मंत्री थे। उन्होंने अपने अनुयायियों से कहा था कि उनके नाम की जय-जयकार करने से बेहतर है, उनके दिखाए रास्तों पर चला जाए। बाबा साहेब ने अपनी मृत्यु से कुछ महीने पहले बौद्ध धर्म अपना लिया था। आप यहां पर बताए बाबा साहेब के विचारों का पालन कर सकते हैं।

Dr BR Ambedkar famous Quotes

  • "मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता, और भाई-चारा सीखाए।"
  • "जो कौम अपना इतिहास नहीं जानती, वह कौम कभी भी इतिहास नहीं बना सकती।"
  • "मैं तो जीवन भर कार्य कर चुका हूँ अब इसके लिए नौजवान आगे आएं।"
  • “शिक्षित बनो, संगठित रहो और उत्तेजित बनो।”
  • “मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं।”
  • “एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को तैयार रहता है।”
  • “बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।”

  • “मानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।”
  • “मानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।”
  • बाबा साहेब अंबेडकर पर कई किताबें बाजार पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा आप उनकी लिखी कई किताबें पढ़ सकते हैं। बाबा साहेब ने साल 1940 में पाकिस्तान पर विचार, साल 1945 में पाकिस्तान या भारत का विभाजन, 1947 में राज्य और अल्पसंख्यक जैसी कई किताबें लिखी हैं।

    शिवम पांडे
    शिवम पांडेauthor

    शिवम् पांडे सिनेमा के आलावा राजनीति, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सम्बन्धों में खास रुचि है। पत्रकारिता में लगभग सात साल का अनुभव रखने वाले शिवम् पांडे बॉलीवुड की बारीकियों को समझते हैं। उसे नए अंदाज में पेश करने का माद्दा रखते हैं।

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