देश

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट की याचिका पर 7 मार्च को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Maharashtra Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह संगठन के विभाजन के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को वास्तविक राजनीतिक दल घोषित करने के महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के आदेश को चुनौती देने वाली उद्धव ठाकरे गुट की याचिका को 7 मार्च को सूचीबद्ध करेगा।

Image

ठाकरे गुट की याचिका पर 7 मार्च को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Photo : ANI

Maharashtra Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं को खारिज करने के महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नारवेकर के आदेश को चुनौती देने वाली उद्धव ठाकरे गुट याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गया है। 7 मार्च को भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ , न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने मामले की सुनवाई करेगी। सिब्बल ने पीठ से इसे 7 मार्च को सूचीबद्ध करने का आग्रह किया था।

हाई कोर्ट ने शिंदे समूह की याचिका पर जारी की थी नोटिस

पीठ ने कहा, कि हम इसे 7 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेंगे। इसमें कहा गया है कि कई मामले, जिन्हें 1 मार्च को सूचीबद्ध किया जाना था, उन्हें सूची में शामिल नहीं किया जा सका क्योंकि पीठ को जल्दी उठना पड़ा। ठाकरे गुट की याचिका आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होनी थी। बता दें जनवरी में, सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर के आदेश को चुनौती देने वाली सुनील प्रभु (ठाकरे गुट) की याचिका पर शिंदे और उनके समूह के 38 विधायकों को नोटिस जारी किया। शिंदे समूह ने उद्धव ठाकरे समूह को अयोग्य ठहराने से स्पीकर के इनकार को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और हाई कोर्ट ने शिंदे समूह की याचिका पर नोटिस जारी किया था। शीर्ष अदालत में, शिंदे और उनके समूह को अयोग्य न ठहराने के महाराष्ट्र अध्यक्ष के फैसले के साथ, ठाकरे गुट ने जून 2022 में विभाजन के बाद शिंदे गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देने के अध्यक्ष के आदेश को भी चुनौती दी है।

बता दें संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत शिंदे और उनके समर्थक विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दायर करने के लगभग दो साल बाद, स्पीकर का फैसला 10 जनवरी को आया। शिंदे और 38 बागी शिवसेना विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं खारिज करने के महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए , ठाकरे गुट ने कहा कि यह निर्णय बाहरी और अप्रासंगिक विचारों के आधार पर सत्ता का रंगीन प्रयोग था।

अगस्त 2022 में मामला पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेजा गया था

इससे पहले, शीर्ष अदालत ने स्पीकर से उनके समक्ष लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लेने को कहा था। विधायकों द्वारा ठाकरे के खिलाफ विद्रोह करने के बाद, 23 जून, 2022 को उद्धव ठाकरे द्वारा नियुक्त शिवसेना पार्टी के सचेतक सुनील प्रभु द्वारा बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की गई थी। पिछले साल मई में, पांच-न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने कहा था कि वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार को अयोग्य नहीं ठहरा सकती और उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में बहाल नहीं कर सकती क्योंकि बाद वाले ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण का सामना करने के बजाय इस्तीफा देना चुना था।

अगस्त 2022 में, शीर्ष अदालत की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के संबंध में शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी समूहों द्वारा दायर याचिका में शामिल मुद्दों को पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेज दिया। 29 जून, 2022 को, शीर्ष अदालत ने 30 जून को महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट को आगे बढ़ा दिया। इसने महाराष्ट्र के राज्यपाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बहुमत साबित करने के निर्देश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद, उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से अपने इस्तीफे की घोषणा की और बाद में एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!