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Land For Job Case: सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को झटका, केस और चार्जशीट रद्द करने से इनकार; पेशी से मिली छूट

Land For Jobs Case: राजद नेता लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) को नौकरी के बदले जमीन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। हालांक सुप्रीम कोर्ट ने पेशी से छूट दे दी है।

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राजद प्रमुख लालू यादव (फोटो- laluprasadrjd)

Land For Jobs Case: देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख Lalu Yadav को बड़ा झटका देते हुए लैंड-फॉर-जॉब्स मामले से जुड़ी एफआईआर को रद्द करने की उनकी मांग ठुकरा दी है। हालांकि अदालत ने उन्हें आंशिक राहत देते हुए कहा है कि ट्रायल के दौरान उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। यादव ने दलील दी थी कि इस मामले में जांच, प्राथमिकी, जांच की प्रक्रिया और बाद में दाखिल आरोपपत्र कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं हैं, क्योंकि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 17ए के तहत पूर्व मंजूरी नहीं ली थी।

मामले की सुनवाई रहेगी जारी

यह फैसला जस्टिस M. M. Sundresh और जस्टिस N. Kotiswar Singh की पीठ ने सुनाया। पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई जारी रहेगी और ट्रायल कोर्ट को यह स्वतंत्रता होगी कि वह उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर केस के गुण-दोषों की जांच करे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि CBI द्वारा लिए गए सैंक्शन से जुड़े सवाल को लालू यादव ट्रायल कोर्ट के सामने उठाएं।

दिल्ली हाईकोर्ट में भी खारिज हुई थी याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू यादव की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले में कानून के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन किया गया है और याचिका में कोई दम नहीं है। हाईकोर्ट में लालू यादव की तरफ से दलील दी गई थी कि CBI ने मुकदमा चलाने के लिए कानूनी मंजूरी नहीं ली थी।

जब लालू यादव थे रेल मंत्री

यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए ग्रुप डी नियुक्तियों में कथित धांधली से जुड़ा है, जहां नौकरी के बदले जमीन लेने के आरोप हैं। इस मामले में लालू यादव के साथ-साथ राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजस्वी यादव पर भी आरोप हैं। अधिकारियों ने बताया कि जमीन के बदले नौकरी का यह कथित मामला लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहने के कार्यकाल (2004 से 2009) के दौरान मध्य प्रदेश के जबलपुर में भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य जोन में की गई ’ग्रुप डी’ नियुक्तियों से संबंधित है। अधिकारियों के अनुसार ये नियुक्तियां भर्ती किए गए लोगों द्वारा राजद प्रमुख के परिवार या सहयोगियों के नाम पर कथित तौर पर उपहार स्वरूप दी गई या हस्तांतरित की गई भूमि के बदले की गई थीं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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