Datiya By election : मध्य प्रदेश की दतिया सीट का उपचुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। यहां टिकट नहीं मिलने से नाराज बताया जा रहे कांग्रेस नेता अवधेश नायक को अपनी तरफ खींचने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। अवधेश से भाजपा नेताओं का मिलने का सिलसिला जारी है। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मंगलवार सुबह अवधेश के घर जाकर उनसे मुलाकात की तो दूसरी तरफ राज्य सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला उनसे मिलने के लिए देर रात पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि नायक के साथ बंद कमरे में शुक्ला की मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। अवधेश पर भाजपा और आरएसएस का लगातार दबाव बन रहा है। वहीं, नायक ने भाजपा नेताओं के साथ अपनी मुलाकात को सामान्य बताया है।
कांग्रेस से टिकट के प्रबल दावेदार थे नायक
अवधेश नायक कांग्रेस से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाने के बजाय पूर्व विधायक कुंवर घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया। टिकट घोषित होने के बाद से ही उनके नाराज होने की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं। उपचुनाव के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों के उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं, ऐसे में भाजपा नेताओं का नायक के घर पहुंचना सियासी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
असंतुष्टों को अपने साथ लाने की कोशिश में भाजपा
टिकट वितरण के बाद अवधेश नायक के समर्थकों में भी नाराजगी देखने को मिली थी। स्थिति को संभालने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी स्वयं उनके निवास पहुंचे थे और उन्हें मनाने का प्रयास किया था। वहीं, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा इस उपचुनाव में कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने पक्ष में लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
2023 में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए नायक
अवधेश नायक का राजनीतिक सफर भी दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से की और वर्ष 1993 में भाजपा की सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। वह दतिया नगर पालिका के पार्षद रहे और विधानसभा चुनाव भी लड़ा, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद में वह उमा भारती के साथ उनकी पार्टी में गए और फिर दोबारा भाजपा में लौट आए। वर्ष 2023 में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
