देश

Delhi Riots Case: सुप्रीम कोर्ट से उमर खालिद को झटका! 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में जमानत समीक्षा याचिका खारिज

Umar Khalid Plea: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में जमानत से इनकार करने वाले फैसले पर पुनर्विचार की उमर खालिद की अर्जी खारिज कर दी।

Image

उमर खालिद की अर्जी खारिज

Umar Khalid Plea Reject: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों (Delhi Riots Case 2020) की बड़ी साजिश के मामले में जमानत से इनकार करने वाले फैसले पर पुनर्विचार की उमर खालिद की अर्जी खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद द्वारा दायर एक पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में 5 जनवरी के उस आदेश की समीक्षा की मांग की गई थी, जिसमें दिल्ली दंगों की 'बड़ी साजिश' से जुड़े मामले में उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया था।

बता दें कि जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने खालिद और एक अन्य सह-आरोपी शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था। बेंच ने यह टिप्पणी की थी कि उपलब्ध सामग्री से उनके खिलाफ 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967' के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है।

इस मामले में कुछ अन्य आरोपियों को जमानत

इसमें कहा गया था कि अभियोजन सामग्री से प्रथम दृष्टया 'एक केंद्रीय और निर्णायक भूमिका' तथा 'योजना, लामबंदी और रणनीतिक दिशा के स्तर पर संलिप्तता' का खुलासा होता है, जो केवल छिटपुट और स्थानीय कृत्यों से कहीं आगे तक फैली हुई है। इसके साथ ही, अदालत ने इस मामले में कुछ अन्य आरोपियों-गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी।

अदालत ने खालिद और इमाम पर यह पाबंदी भी लगाई थी कि वे अपनी जमानत की अर्जियां तभी दोबारा दायर कर सकते हैं, जब सुरक्षित गवाहों की जांच पूरी हो जाए या 5 जनवरी से एक साल बीत जाए। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल (खालिद की ओर से) ने पुनर्विचार याचिका का ज़िक्र किया और अनुरोध किया कि इसकी सुनवाई खुली अदालत में की जाए।

CAA और NRC को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे

साल 2020 में सिटिजनशिप अमेंटडमेंट एक्ट (CAA) और एनआरसी को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान दिल्ली में कई जगह उग्र विरोध प्रदर्शन हुए थे। दिल्ली पुलिस का कहना है कि ये हिंसा एक सुनियोजित साजिश का नतीजा था।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article