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खालिद और इमाम को जमानत न मिलने के लिए ओवैसी ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार, UAPA और चिदंबरम पर उठाई उंगली

ओवैसी ने कहा कि तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम ने (कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान) यूएपीए (UAPA) पेश किया था, और संसद में इसका विरोध करने वाले वे (ओवैसी) एकमात्र व्यक्ति थे। मैंने ही सबसे पहले कहा था कि इस कानून का इस्तेमाल पुलिस मुसलमानों, आदिवासियों, दलितों के खिलाफ होगा....

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ओवैसी का कांग्रेस पर निशाना

Photo : ANI

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जिस कड़े यूएपीए के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया है, उसे कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लागू किया गया था। हैदराबाद के सांसद 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले महाराष्ट्र के अमरावती के चांदनी चौक इलाके में एक जनसभा में बोल रहे थे।

राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता का दिया हवाला

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले लोग वास्तव में मुसलमानों, दलितों और आदिवासियों के दुश्मन हैं, क्योंकि वे वोट हासिल करने के लिए राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि खालिद और इमाम दोनों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 15 ए के आधार पर 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था।

चिदंबरम ने किया था UAPA पेश

ओवैसी ने कहा कि तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम ने (कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान) यूएपीए (UAPA) पेश किया था, और संसद में इसका विरोध करने वाले वे (ओवैसी) एकमात्र व्यक्ति थे। मैंने ही सबसे पहले कहा था कि इस कानून का इस्तेमाल पुलिस मुसलमानों, आदिवासियों, दलितों और उन बुद्धिजीवियों के खिलाफ करेगी जो सरकार की नीतियों को समझते और उनका विरोध करते हैं। आज जो हुआ वो आप देख ही सकते हैं, इन दोनों बच्चों को उस कानून में आतंकवाद की परिभाषा के कारण जमानत नहीं मिल पाई।

कहा- 2019 में यूएपीए में संशोधन का कांग्रेस ने किया समर्थन

ओवैसी ने आगे कहा कि खालिद और इमाम पांच साल से जेल में सड़ रहे हैं, वहीं एल्गर परिषद मामले में आरोपी 85 वर्षीय स्टेन स्वामी की इसी कानून के कारण जेल में मौत हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि 2019 में जब यूएपीए में संशोधन किया गया था, तब कांग्रेस ने भाजपा सरकार का समर्थन किया था, जो अब निर्दोष लोगों की जिंदगियां तबाह कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी, लेकिन भागीदारी के क्रम का हवाला देते हुए पांच अन्य लोगों को जमानत दे दी थी।

तो घर पर बुलडोज़र चलेगा.

वहीं, नागपुर में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, मुसलमानों की कोई पॉलिटिकल एजेंसी नहीं है। अगर आप सिर्फ़ वोटर बनकर रहेंगे, तो घर पर बुलडोज़र चलेगा... BJP हो, अजीत पवार या एकनाथ शिंदे ये सभी पार्टियां आपको डराकर आपका वोट हासिल करना चाहती हैं। मजलिस आपको कह रही है कि अपनी पॉलिटिकल एजेंसी बनाइए।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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