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कर्नाटक में अगले 48 से 72 घंटे में होगी नई सरकार, सीएम के चेहरे पर आज फैसला संभव

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 17, 2023, 11:14 PM IST

Karnataka CM: कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सीएम के नाम पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। जब भी कांग्रेस कोई फैसला करेगी, सूचित किया जाएगा। अगले 48-72 घंटों में हमारे पास कर्नाटक में एक नया मंत्रिमंडल होगा।

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सिद्धारमैया- डीके शिवकुमार

Photo : Twitter

Karnataka CM: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में बीते तीन दिन से मंथन जारी है। कर्नाटक कांग्रेस के दोनों बड़े नेता सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे से लेकर दोनों की मुलाकात राहुल गांधी तक से हो चुकी है, लेकिन पार्टी की ओर से अभी तक सीएम के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। इस बीच कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि अगले 48-72 घंटों में कर्नाटक में नया मंत्रिमंडल होगा। उन्होंने कहा, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सीएम के नाम पर विचार कर रहे हैं।

सुरजेवाला के इस बयान के बाद संभावना जताई जा रही है कि पार्टी की ओर से आज शाम तक या गुरुवार को सीएम के नाम का ऐलान किया जा सकता है। सुरजेवाला ने यह भी कहा कि कर्नाटक में पांच साल की स्थिर सरकार होगी और लोगों से अटकलों और फर्जी खबरों पर विश्वास न करने का आग्रह किया। सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी प्रमुख को विधायक दल का नेता नियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया है और इसीलिए विचार-विमर्श चल रहा है।

सिद्धारमैया का पलड़ा भारी

बता दें, कर्नाटक सीएम को लेकर दिग्गज नेता सिद्धारमैया का पलड़ा भारी माना जा रहा है। खुद राहुल गांधी और ज्यादातर विधायक उनके पक्ष में हैं। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार की तरफ पार्टी चेयनपर्सन सोनिया गांधी का झुकाव ज्यादा माना जा रहा है। ऐसे में सीएम के चेहरे को लेकर बात अभी अटकी हुई है।

राहुल से अलग-अलग हुई शिवकुमार और सिद्धारमैया की मुलाकात

बता दें, कर्नाटक में सीएम को चल रही कांग्रेस की बैठकों के दौरान सिद्धारमैया और शिवकुमार ने राहुल गांधी के साथ अलग-अलग मुलाकात की थी। एक दिन पहले दोनों ने खड़गे के साथ उनके आवास पर अलग-अलग बैठकें की थीं और सरकार गठन के मुद्दों पर चर्चा की थी। इस बीच खबर है कि सिद्धारमैया को सीएम बनाने पर आंतरिक सहमति बन गई है। शिवकुमार को डिप्टी सीएम और दो अहम मंत्रालयों का प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि, इस पर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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