Seema Haider Case: पाकिस्तान से भाग कर भारत आई Seema Haider की कहानी धीरे-धीरे दिलचस्प होती जा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, उसकी कहानी में ट्विस्ट भी आ रहे हैं। अब तक की पूछताछ में यह तो साफ हो ही गया है कि सीमा ने जो कहानी खुफिया एजेंसियों और मीडिया को सुनाई है, वह पूरी तरह से सच नहीं है। ऐसे में खुफिया एजेंसी उससे पूछे गए हर एक सवाल और उनके जवाबों की बार-बार विवेचना कर रही हैं।
जांच एजेंसियां सीमा हैदर मामले में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। इसीलिए सीमा लगातार खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं, और उनके एक-एक दस्तावेज की बारीकी से जांच भी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सीमा हैदर ने 9 से 10 मई के बीच पाकिस्तान से उड़ान भरने की कहानी खुफिया एजेंसियों को सुनाई है, हालांकि, इसके लिए जल्दबाजी में बनवाए गए दस्तावेज शक पैदा कर रहे हैं। ऐसे में सीमा हैदर मामले में तीन सवालों पर खुफिया अधिकारियों की सुई बार-बार अटक रही है। आइए जानते हैं वे तीन सवाल...
जल्दबाजी में क्यों बनाए गए बच्चों के वैक्सीनेशन कार्ड
जानकारी के मुताबिक, सीमा हैदर नेपाल का वीजा लेकर 11 मई को नेपाल पहुंची थी। जबकि, उसने अपने चारों बच्चों के वैक्सीनेशन कार्ड 8 मई को तैयार कराए थे। खुफिया एजेंसियों को शक है कि चार बच्चों की मां सीमा हैदर ने आनन-फानन में अपने बच्चों के वैक्शीनेशन कार्ड क्यों तैयार कराए? उसने मां बनने से लेकर बीते 7 सालों में इन्हें तैयार क्यों नहीं कराया था? जबकि ये कार्ड हर बच्चे के जन्म के साथ ही बनने चाहिए थे।
परिवार रजिस्ट्रेशन कार्ड लेकर भारत क्यों आई सीमा?
सीमा हैदर अपने साथ पाकिस्तान का परिवार रजिस्ट्रेशन कार्ड भी लेकर आई हैं। इस कार्ड में उनके पति गुलाम हैदर, सीमा हैदर औरन उनके चारों बच्चों के नाम दर्ज हैं। खुफिया एजेंसियों को सीमा की इस कहानी पर भी शक है कि वह अपने साथ इस परिवार रजिस्ट्रेशन कार्ड को क्यों लेकर आई हैं? क्या इसके पीछे भी कोई कहानी है।
54 दिन तक क्यों संभाल कर रखा बस टिकट?
सीमा हैदर नेपाल के पोखरा से बस से दिल्ली पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने जो बस टिकट लिया, उसे संभाल कर रखा था। जबकि, अमूमन लोग अपने बस टिकट को फेंक देते हैं। सीमा हैदर ने जांच शुरू होने के बाद बस टिकट दिखाए। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि उन्होंने 54 दिन तक बस टिकट को इतना संभाल कर क्यों रखा हुआ था।
