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कृति सैनन के राखी वाले विज्ञापन के लुक पर मचा बवाल, 5 पॉइंट्स में समझें पूरा विवाद

Kriti Sanon Controversy: कृति सैनन के रक्षाबंधन वाले विज्ञापन में उनके आधुनिक पहनावे और विज्ञापन के कॉन्सेप्ट को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। इस विज्ञापन के लिए लोगों के दो पक्ष देखने को मिल रहे हैं। आइए समझते हैं इसे विस्तार से...

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कृति सेनन के विज्ञापन वाले लुक पर बवाल!

Kriti Sanon Controversy: रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक त्योहार को लेकर बाजार में हर साल कई तरह के विज्ञापन देखने को मिलते हैं। लेकिन इस बार अभिनेत्री कृति सैनन का एक ज्वेलरी विज्ञापन अपनी कहानी से ज्यादा उनके पहनावे और विज्ञापन के कुछ सीन की वजह से चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर जहां कुछ लोगों ने इसे आधुनिक सोच का उदाहरण रहे हैं, वहीं कई यूजर्स ने इसे त्योहार की पारंपरिक मर्यादाओं से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए हैं। विवाद इतना बढ़ा कि अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी कृति सेनन के इस लुक (Kriti Sanon Outfit) पर टिप्पणी कर दी है। आइए 5 पॉइंट्स में समझते हैं ये पूरा विवाद...

1. कैसे शुरू हुआ विवाद?

कृति सैनन एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन कैंपेन में नजर आई हैं। विज्ञापन का फोकस भाई-बहन के रिश्ते और राखी के भाव पर है। इसमें कृति अपने भाई को राखी बांधती दिखाई देती हैं। लेकिन विज्ञापन के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान कहानी से ज्यादा उनके आउटफिट ने खींच लिया है। उनके इस लुक को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग तरह की राय देखने को मिल रही है।

2. कृति के कपड़ों पर उठे सवाल

विज्ञापन में कृति आइवरी रंग के इंडो-वेस्टर्न लुक में नजर आती हैं। उनके आउटफिट में डीप-नेक ब्लाउज/ब्रालेट स्टाइल टॉप, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट का फ्यूजन दिखाई देता है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स को यह लुक रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक त्योहार के संदर्भ में जरूरत से ज्यादा बोल्ड लगा। आलोचकों ने सवाल किया कि पारंपरिक त्योहार पर आधारित विज्ञापन में इस तरह की स्टाइलिंग क्यों चुनी गई। हालांकि, दूसरे पक्ष के कई लोगों ने कृति का बचाव भी किया। उनका तर्क है कि किसी महिला के कपड़ों को देखकर उसके संस्कार या त्योहार के प्रति सम्मान तय करना सही नहीं है। इस तरह विवाद सिर्फ एक ड्रेस का नहीं, बल्कि फैशन, व्यक्तिगत पसंद और सामाजिक अपेक्षाओं की बहस में बदल गया।

3. कंगना रनौत ने की टिप्पणी

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने कृति के विज्ञापन पर सवाल उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में पूछा कि कोई अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स जैसे कपड़ों में राखी क्यों बांधेगा। कंगना ने यह भी कहा कि आधुनिकता के साथ कुछ सामाजिक मर्यादाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। कंगना की टिप्पणी सामने आने के बाद विज्ञापन को लेकर चल रही बहस और ज्यादा तेज हो गई। अब चर्चा कृति के लुक से निकलकर यह सवाल करने लगी कि त्योहारों को विज्ञापनों में किस तरह प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

4. कुत्ते को राखी बांधने पर भी सवाल

विज्ञापन में एक पालतू कुत्ते को राखी बांधने का दृश्य भी दिखाया गया है। संभवतः इसका उद्देश्य पालतू जानवर को परिवार का हिस्सा बताना और भाई-बहन के रिश्ते की भावना को व्यापक रूप देना है। लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ दर्शकों को यह प्रस्तुति पारंपरिक रक्षाबंधन की भावना से अलग लगी। जिसके लिए लोग अपनी अलग-अलग तरह की राय रख रहे हैं।

5. जरूरी है परंपरा और आधुनिकता का मेल

कृति सैनन के विज्ञापन ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि त्योहारों की ब्रांडिंग कितनी आधुनिक होनी चाहिए। क्या विज्ञापन को नई पीढ़ी की पसंद के मुताबिक बदलना चाहिए या फिर पारंपरिक त्योहारों की पहचान को उसी रूप में बनाए रखना चाहिए? फिलहाल कृति सैनन की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी हुई हैं। एक पक्ष इसे अनावश्यक नैतिक निगरानी मान रहा है, जबकि दूसरा पक्ष त्योहार की सांस्कृतिक संवेदनशीलता का सवाल उठा रहा है।

विवाद पर कृति सेनन का जवाब

विवाद पर कृति सेनन का जवाब

कृति का विवाद पर करारा जवाब

कृति सेनन ने रक्षाबंधन स्पेशल ऐड को लेकर उठे विवाद पर अब खुलकर जवाब दिया है। इंस्टाग्राम स्टोरी में उन्होंने कहा कि किसी महिला के कपड़ों से उसकी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान नहीं मापा जाना चाहिए। कृति ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के बीच प्यार, सुरक्षा, खुशहाली और लंबी उम्र की प्रार्थना का रिश्ता बताते हुए कहा कि यह भावना उनके पालतू कुत्तों तक भी जुड़ी है, क्योंकि वे परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद होगा। उनके मुताबिक संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, कपड़ों की नेकलाइन में नहीं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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