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Schools Closed Today: पूरे उत्तर प्रदेश में आज स्कूल बंद, देहरादून में भी छुट्टी घोषित

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 8, 2023, 07:46 AM IST

Schools Closed Today: अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन (UPSA) के आह्वान पर बुलाए गए इस एक दिवसीय स्कूल बंद के तहत प्रदेश के सभी CBSE व ICSE समेत सभी निजी विद्यालयों को बंद रखने का ऐलान किया गया है। वहीं, उत्तराखंड में भी कई जगहों पर स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।

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उत्तर प्रदेश में आज स्कूल बंंद

Photo : BCCL

Schools Closed Today: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुई घटना और उसके बाद स्कूल प्रिंसिपल और क्लास टीचर की गिरफ्तारी के विरोध में आज सूबे के सभी प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन (UPSA) के आह्वान पर बुलाए गए इस एक दिवसीय स्कूल बंद के तहत प्रदेश के सभी CBSE व ICSE समेत सभी निजी विद्यालयों को बंद रखने का ऐलान किया गया है।

इसके अलावा आज उत्तराखंड में भी कई जगहों पर स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। यह फैसला देहरादून में भारी बारिश को देखते हुए लिया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों की ओर से आरोप लगाया गया कि छात्रा की मौत के बाद बिना जांच किए स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है।

कोर्ट ने खारिज कर दी थी बेल

बता दें, आजमगढ़ के स्कूल की घटना के बाद स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षक की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद स्कूल एसोसिएशन ने कहा है कि कोई शिक्षक, प्रिंसिपल या फिर प्रबंधक यह कतई नहीं चाहेगा कि उसके स्कूल के बच्चे के साथ कुछ भी गलत हो। अगर कोई घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन पर डालना सही नहीं है। सीबीएसई मैनेजमेंट स्कूल ने भी इसका समर्थन किया है।

31 जुलाई को हुई थी छात्रा श्रेया त‍िवारी की मौत

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के हरवंशपुर क्षेत्र में एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा श्रेया तिवारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। चिल्ड्रेन गर्ल्स कालेज में 31 जुलाई को छात्रा श्रेया त‍िवारी तीसरी मंजिल से गिर गई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। स्‍कूल की प्रिंसिपल ने कहा क‍ि छात्रा के पास मोबाइल म‍िला था। उससे पूछताछ की गई तो वह भागते हुए स्कूल की तीसरी मंजिल पर चली गई, जिसके बाद यह हादसा हो गया।

मोबाइल की बात परिवार वालों ने नकारी

दूसरी तरफ, छात्रा के अभिभावकों ने स्कूल में छात्रा द्वारा मोबाइल लाने की बात पूरी तरह नकार दी है। उनका आरोप है कि स्कूल में कोई और घटना हुई थी, जिस कारण उनकी बेटी ने तीसरी मंजिस से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। परिवारीजनों ने कहा, स्कूल प्रशासन घटना छिपाने के लिए झूठी कहानी बना रहा है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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