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'माता-पिता की देखभाल न करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में 10 फीसदी की होगी कटौती', इस राज्य का अनूठा कदम

तेलंगाना सरकार ने इस नई योजना के लिए 50 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'प्रणाम' नाम से डे-केयर सेंटर भी स्थापित कर रही है।

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प्रतीकात्मक AI फोटो

तेलंगाना सरकार एक ऐसा कानून बनाएगी जिसके तहत उन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं। यह यह पैसा माता-पिता के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा।मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को कहा कि बूढ़े माता-पिता द्वारा अपने बेटों के खिलाफ की गई शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सैलरी का 10 प्रतिशत सीधे माता-पिता के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए।

उन्होंने दिव्यांग व्यक्तियों को रेट्रोफिटेड मोटराइज्ड वाहन, बैटरी से चलने वाली तिपहिया साइकिल, बैटरी व्हीलचेयर, लैपटॉप, सुनने की मशीन, मोबाइल फोन और अन्य आधुनिक उपकरण मुफ्त में बांटने की शुरुआत करते हुए यह घोषणा की।

सरकार ने इस नई योजना के लिए 50 करोड़ रुपए किए हैं आवंटित

सरकार ने इस नई योजना के लिए 50 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'प्रणाम' नाम से डे-केयर सेंटर भी स्थापित कर रही है।उन्होंने यह भी घोषणा की कि 2026-2027 के बजट प्रस्तावों में एक नई स्वास्थ्य नीति पेश की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसलिए, सरकार ने अगले बजट में एक नई स्वास्थ्य नीति पेश करने का फैसला किया है।

ट्रांसजेंडर लोगों को अपनी समस्याओं को उठाने में मदद मिलेगी

उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले चुनावों में सभी नगर निगमों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को को-ऑप्शन सदस्य के रूप में नॉमिनेट किया जाएगा। हर नगर निगम में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक को-ऑप्शन सदस्य पद आवंटित किया जाएगा। इससे ट्रांसजेंडर लोगों को अपनी समस्याओं को उठाने में मदद मिलेगी।

दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए पहले ही कई योजनाएं शुरू की हैं

उन्होंने दावा किया कि सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए पहले ही कई योजनाएं शुरू की हैं।उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार मानवीय दृष्टिकोण से काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिव्यांग व्यक्ति समाज में आत्म-सम्मान के साथ रहें।' दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें शिक्षा और रोजगार में विशेष कोटा दिया गया है। सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि नवविवाहित दिव्यांग व्यक्तियों को 2 लाख रुपए दिए जाएंगे।

'सरकार दिव्यांग व्यक्तियों को सभी क्षेत्रों में अवसर प्रदान कर रही है'

उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांग व्यक्तियों को सभी क्षेत्रों में अवसर प्रदान कर रही है ताकि वे इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में पीछे न छूट जाएं, और उन्होंने उनसे इन अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी को याद किया, जो सर्वश्रेष्ठ सांसद बने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए प्रेरणा बने। उन्होंने कहा कि जयपाल रेड्डी ने दिव्यांगता का सामना करने के बावजूद बड़ी ऊंचाइयों को छुआ।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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