समाजवादी पार्टी (सपा) नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के हिंदू धर्म को ‘‘धोखा’’ बताने पर संत समाज गर्माया है। मंगलवार (26 दिसंबर, 2023) को कड़ा आक्रोश जाहिर करते हुए कई संतों ने उन्हें चेताया कि वह अपनी जुबान पर लगाम लगाएं नहीं तो उनका मुंह काला कर दिया जाएगा।
चर्चाओं में बने रहने के लिए ऐसे बयान देने का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि अगर मौर्य ऐसी टिप्पणियां करने से बाज नहीं आए तो संत समाज को उनका मुंह काला करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
महाराज ने बताया कि ये नेता 2014 के बाद से ही सक्रिय हुए हैं। इनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सनातन धर्म को बुरा भला कहा जा रहा है और ऐसा करके ये चर्चा में बने रहना चाहते हैं। भारत के लोग इनको पसंद नहीं करते और इसी कारण इन्हें लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।
वह आगे बोले कि संत समाज ने अब तक इनको बर्दाश्त किया है लेकिन अगर ये हिन्दू समाज को अपमानित करने से बाज आये नहीं तो हमें इनके मुंह पर कालिख पोतनी पड़ेगी।
महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने भी स्वामी प्रसाद के बयान की कड़ी निंदा करते हुऐ कहा कि वे ‘‘मानसिक रूप से बीमार’’ हो गए हैं।
उन्होंने सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मौर्य को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि इस मसले पर उन्हें अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए कि उन्हें हिंदुओं के वोट चाहिए या नहीं ।
दरअसल, मौर्य ने कहा था, ‘‘हिंदू एक धोखा है...आरएसएस प्रमुख ने दो बार कहा है कि हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं है बल्कि यह जीने का एक तरीका है। पीएम ने भी कहा है कि हिंदू कोई धर्म नहीं है...जब ये लोग ऐसे बयान देते हैं तो भावनाएं आहत नहीं होती लेकिन अगर मौर्य यही कहता है तो इससे अशांति पैदा हो जाती है...।’’
