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पिपरहवा से लेह पहुंचे भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष; गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ भव्य स्वागत, भक्तिमय हुआ माहौल

सिद्धार्थनगर के पिपरहवा से प्राप्त गौतम बुद्ध के पवित्र अवशेषों को खास विमान से लेह लाया गया, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भव्य स्वागत समारोह और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच इन अवशेषों को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया।

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लेह में आए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष

Gautam Buddha Sacred Relics Leh: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के पिपरहवा में मिले गौतम बुद्ध के पवित्र अवशेषों बुधवार को हवाई मार्ग से दिल्ली से लेह लाए गए, जहां बड़ी संख्या में लोग उनके दर्शन के लिए जुट गए। जानकारी के मुताबिक, लेह हवाई अड्डे के टेक्निकल एरिया में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने एक भव्य स्वागत समारोह के दौरान औपचारिक रूप से इन अवशेषों को स्वीकार किया। समारोह में कई धार्मिक हस्तियां और सरकारी अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ कई पवित्र अनुष्ठान आयोजित किए गए।

कब कर सकेंगे आम लोग दर्शन?

अधिकारियों के मुताबिक, माथो मठ के द्रुकपा थुकसे रिनपोचे और खेनपो थिनलास चोसल भारतीय वायुसेना के एक खास विमान से इन अवेशेषों को लेह लेकर पहुंचे। ये अवशेष मई के शुरुआती दो हफ्तों में आम लोगों के दर्शन के लिए रखे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, बुद्ध के अवशेषों के लेह पहुंचने पर लद्दाख पुलिस ने औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जबकि भिक्षुओं ने विशेष प्रार्थनाएं कीं। वहीं, सक्सेना ने लद्दाख की जनता की ओर से इन पर 'खटक' (पारंपरिक सफेद चादर) चढ़ाई।

अवशेषों को किन-किन देशों में ले जाया जा चुका है?

अधिकारियों ने बताया कि अवशेषों को सड़क मार्ग से जीवत्सल ले जाया गया, जहां इस साल एक मई को बुद्ध पूर्णिमा के असवर पर इन्हें सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा जाएगा। पिपरहवा में मिले गौतम बुद्ध के अवशेषों को इससे पहले थाईलैंड, मंगोलिया, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, भूटान, श्रीलंका और म्यांमा जैसे देशों में भी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए ले जाया जा चुका है।

वापस कब दिल्ली कब आएंगे अवशेष?

अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख में ये अवशेष एक मई से 10 मई तक जीवत्सल में सार्वजनिक दर्शन के लिए रखे जाएंगे। उन्होंने बताया कि 11-12 मई को इन्हें जांस्कर और 13-14 मई को लेह के धर्म केंद्र में लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा। 15 मई को ये अवशेष हवाई मार्ग से वापस दिल्ली ले जाए जाएंगे, जहां इन्हें संरक्षित रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पिपरहवा में मिले बुद्ध के अवशेषों के दर्शन के लिए गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विभिन्न बौद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों के लद्दाख की यात्रा करने की संभावना है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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