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RJD विधायक रीतलाल यादव ने अदालत में किया सरेंडर, जानिए आखिर क्या है पूरा मामला

Bihar Politics: पटना के बाहुबलियों में रीतलाल यादव का नाम शामिल है। जो वर्तमान में लालू यादव की पार्टी आरजेडी से दानापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। अब विधायक रीतलाल यादव ने दानापुर कोर्ट ने आत्मसमर्पण कर दिया है। पटना पुलिस रीतलाल और उनके भाई की तलाश कर रही थी। आपको सारा माजरा बताते हैं।

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राजद विधायक रीतलाल यादव (फाइल फोटो- @ritlalyadavinrly)

MLA Ritlal Yadav Surrendered in Court: पटना पुलिस ने हाल ही में रंगदारी के आरोप में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) विधायक रीतलाल यादव के 11 ठिकानों पर छापेमारी की थी। अब विधायक रीतलाल ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। RJD विधायक रीतलाल यादव ने अपने भाई के साथ दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। आपको इस रिपोर्ट में सारा माजरा बताते हैं।

RJD विधायक रीत लाल यादव ने किया आत्मसमर्पण

विधायक ने दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। पटना पुलिस रीतलाल यादव और उसके भाई की तलाश कर रही थी। RJD विधायक रीतलाल राय के साथ चिक्कू यादव, पिंकू यादव, श्रवण यादव के स्टैब एवं अन्य सहयोगी ने भी दानापुर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। एक दिन पहले ही BJP ने सोशल मीडिया पर फरार घोषित किया था।

जब रीतलाल यादव के 11 ठिकानों पर हुई छापेमारी

विधायक रीतलाल यादव राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते हैं। हाल ही में पटना पुलिस ने उनके 11 ठिकानों पर छापेमारी की थी। बिल्डर कुमार गौरव ने रंगदारी के मामले में उनकी शिकायत की थी। रीतलाल यादव पर कई आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं।

रीतलाल यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाने, जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने 11 अप्रैल को उनसे जुड़े 11 ठिकानों पर छापेमारी की और करीब 10.5 लाख रुपये, जमीन हड़पने के 14 दस्तावेज और एग्रीमेंट, 17 चेकबुक और पांच स्टांप, छह पेन ड्राइव और वॉकी-टॉकी बरामद किए।

पत्नी रिंकू देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए

STF और पुलिस बल ने विधायक के आवास पर जह छापेमारी की कार्रवाई की, तो रीतलाल यादव की पत्नी रिंकू देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने डराने, टॉर्चर करने और एनकाउंटर की साजिश की। पुलिस आतंकवादियों की तरह घर में घुसी। पिछले 6 महीने से मानसिक टॉर्चर कर रही है। रिंकू देवी ने कहा कि कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार भी लगाई थी।

आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है विधायक का नाम

रीतलाल यादव का नाम पटना के बाहुबलियों में शामिल है। वर्तमान में दानापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। आरोपों के कारण वो अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। रीतलाल पर वर्ष 2003 में बीजेपी नेता सतनारायण यादव की हत्या का आरोप लगा। रीतलाल पर कई आपराधिक मुकदमे हैं, अवैध बालू खनन और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता बताई जाती है।

जेल में रहते हुए जब एमएलसी बने रीतलाल यादव

साल 2016 में जेल में रहते हुए रीतलाल यादव विधान परिषद के सदस्य बने। इसके बाद वर्ष 2020 में जमानत पर बाहर आकर विधानसभा का चुनाव जीते। हाल ही में पटना हाई कोर्ट ने उन्हें बरी किया था। कुछ दिन पहले उनके ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी में 200 पुलिस बल और ड्रोन कैमरों का उपयोग किया। रीतलाल ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बिना सर्च वारंट के छापेमारी की गई।

विधायक पर 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप है, जिसके चलते पुलिस ने उनके 11 ठिकानों पर छापेमारी की। रीतलाल यादव के छोटे भाई पिंकू यादव पर भी आपराधिक गतिविधियों के आरोप है। पुलिस ने पिंकू के घर से 11 लाख रुपये नकद और अन्य सामान बरामद किया। फिलहाल ईडी उनकी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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