Pahalgam Attack: आज पहलगाम हमले की पहली बरसी है। पिछले साल 2025 में इसी दिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोषों ने जान गंवाई थी। पीएम मोदी ने इस दिन को याद करते हुए मृतकों के प्रति अपनी संवेदना जताई है। पीएम मोदी ने एक्स पर संदेश में कहा- पिछले साल इसी दिन पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। एक राष्ट्र के रूप में, हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।
भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की अपनी नीति जारी रखेगा : शाह
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले वर्ष हुए पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को बुधवार को याद किया और कहा कि भारत आतंकवाद तथा उसे पनाह देने वालों को कतई बर्दाश्त न करने की अपनी नीति जारी रखेगा। गृह मंत्री ने एक्स पर साझा किए एक संदेश में कहा, अपने लोगों को खोने का दुख और पीड़ा आज भी हर भारतीय के दिल में कायम है। आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है, जिसके खिलाफ हमें एकजुट होकर लड़ना और उसे हराना होगा। भारत आतंकवाद और उसे शरण देने वालों को कतई बर्दाश्त न करने की अपनी नीति जारी रखेगा।
हमले में 26 की मौत
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर लोकप्रिय बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2.30 बजे आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। सभी आतंकी सेना की वर्दी में आए थे। इस हमले में जिंदा बचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकियों ने पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले इन आतंकियों ने खाने-पीने की दुकानों के आसपास हालात का जायजा लिया और फिर वहां बैठे लोगों और टट्टू की सवारी कर रहे पर्यटकों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी।

पहलगाम आतंकी हमला
पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई
इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की बरसी को देखते हुए, सभी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गतिविधियों, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एक प्रभावी व बड़ी सुरक्षा योजना सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं, और वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
आतंकवादी हमले का असर
इस हमले ने पहलगाम के बैसरन घास के मैदान को तबाह कर दिया था, जिसके कारण जम्मू-कश्मीर में पर्यटन में भारी गिरावट आई और लगभग 50 पर्यटन स्थल अस्थायी रूप से बंद हो गए थे। सुरक्षा ऑडिट के बाद अब इन स्थलों को फिर से खोल दिया गया है। फिलहाल, पहलगाम के घास के मैदान एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार हैं, क्योंकि यह क्षेत्र—जिसे अक्सर 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहा जाता है, पिछले साल हुए हमले के साये से अभ बाहर निकल आया है। पहलगाम रिजॉर्ट में सुरक्षा के नए उपाय लागू किए गए हैं, जिनमें सेवा प्रदाताओं और विक्रेताओं (जैसे कि टट्टू वालों) का पर्यटकों से बातचीत करने से पहले उनका सत्यापन करना शामिल है।
